Guwahati. गुवाहाटी। असम के नागांव उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई ने रविवार को कहा कि इस बार नागांव सीट पर मुकाबला चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के बीच मतभेद को लेकर चिंता जताई।
गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिल गोगोई ने कहा कि पिछले चुनाव में नागांव सीट पर कांग्रेस ने भाजपा को हराया था, लेकिन इस बार स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और AIUDF के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा से विपक्षी वोटों के बंटने की संभावना है।
अखिल गोगोई ने कहा कि AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल खुद नागांव उपचुनाव में उम्मीदवार हैं, जिसके कारण मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच आपसी तालमेल नहीं होने का असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस और AIUDF से अपील की कि दोनों दल आपस में बातचीत कर सहमति बनाने की कोशिश करें। गोगोई ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच समन्वय से ही राजनीतिक स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।
रायजोर दल विधायक ने कहा कि भाजपा को लेकर विपक्षी दलों को एक साझा रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और AIUDF के बीच बातचीत से समाधान निकालना जरूरी है। नागांव उपचुनाव को लेकर असम की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों और रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं। इस सीट पर कांग्रेस, भाजपा और AIUDF के बीच मुकाबले पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। अखिल गोगोई असम में किसान आंदोलनों और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहने चाहिए और विपक्षी दलों को व्यापक राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए।