Assam असम: असम में रोंगाली बिहू के अवसर पर All Assam Students' Union ने एक बार फिर मूल निवासियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग उठाई है। संगठन ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
रोंगाली बिहू, जो असम का प्रमुख त्योहार है, के दौरान AASU ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा बेहद जरूरी है। संगठन का मानना है कि बदलती परिस्थितियों में स्थानीय समुदायों की पहचान और संसाधनों पर उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
AASU के नेताओं ने कहा कि संवैधानिक सुरक्षा उपायों के अभाव में मूल निवासियों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, लेकिन अभी तक अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है।
संगठन ने सरकार से आग्रह किया कि असम समझौते से जुड़े प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और मूल निवासियों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना है कि इससे राज्य में संतुलन और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
AASU ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। संगठन ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए।
रोंगाली बिहू के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में AASU के प्रतिनिधियों ने लोगों के बीच जाकर इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की भी कोशिश की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं और पहचान को बनाए रखने के लिए एकजुट रहें।
संगठन का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में राज्य की सांस्कृतिक संरचना पर असर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा जारी है। कई अन्य संगठनों ने भी AASU की मांग का समर्थन किया है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि इस विषय पर व्यापक संवाद की आवश्यकता है।
फिलहाल, All Assam Students' Union ने अपनी मांगों को दोहराते हुए सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है। रोंगाली बिहू जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर उठाई गई यह मांग राज्य में एक बार फिर संवैधानिक सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दे को केंद्र में ले आई है।