अरुणाचल प्रदेश। अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली जिले में रॉयल बंगाल टाइगर दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई है। बुधवार, 14 अक्टूबर की दोपहर रोइंग-अनिनी सड़क पर तिवारी गांव के पास एक विशाल बाघ सड़क किनारे घूमता नजर आया। अचानक बाघ को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी। प्रशासन ने रोइंग-अनिनी मार्ग के चार किलोमीटर लंबे हिस्से में दोपहिया वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी इलाके में फरवरी 2026 में बाघ के हमले से एक पुलिसकर्मी की मौत हो चुकी है। वन विभाग की टीम बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
सड़क पर घूमता दिखा विशाल रॉयल बंगाल टाइगर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब चार बजे लोअर दिबांग वैली जिले के तिवारी गांव के पास एक रॉयल बंगाल टाइगर दिखाई दिया।बाघ रोइंग-अनिनी सड़क के आसपास घूम रहा था। इस दौरान वहां से गुजर रहे एक स्थानीय व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया।वीडियो में बाघ सड़क के आसपास आराम से चलता हुआ दिखाई दे रहा है।इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बाघ की मौजूदगी की जानकारी मिलने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई।वन विभाग के अधिकारियों ने भी इलाके में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है।
चार किलोमीटर के इलाके में दोपहिया वाहनों पर रोक
बाघ दिखाई देने के बाद वन विभाग ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष निर्देश जारी किए हैं।मेहाओ वन्यजीव अभयारण्य प्रभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, रोइंग-अनिनी सड़क के 19वें किलोमीटर से 23वें किलोमीटर के बीच दोपहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।
इस तरह कुल चार किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग पर मोटरसाइकिल और स्कूटर से यात्रा करने पर रोक लगाई गई है।वन विभाग ने विशेष रूप से सुबह जल्दी, शाम और रात के समय इस मार्ग से दोपहिया वाहन लेकर गुजरने से मना किया है।ये प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं और अगली आधिकारिक सूचना तक जारी रहेंगे।
सड़क पर रुकने और पिकनिक मनाने पर भी मनाही
वन विभाग ने सिर्फ दोपहिया वाहनों पर ही प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि अन्य वाहन चालकों और पर्यटकों के लिए भी सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।अधिकारियों ने लोगों को प्रभावित क्षेत्र में अनावश्यक रूप से रुकने से मना किया है।इसके अलावा सड़क किनारे पिकनिक मनाने, घूमने, दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए रुकने और बिना जरूरत समय बिताने से भी बचने को कहा गया है।वन विभाग ने कार और अन्य चारपहिया वाहनों में यात्रा करने वालों को अपनी खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बाघ दिखाई देने पर लोग वाहन से बाहर निकलने की कोशिश न करें।इस तरह की लापरवाही से मानव और वन्यजीव के बीच खतरनाक टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
फरवरी में बाघ के हमले से हुई थी पुलिसकर्मी की मौत
इस इलाके में बाघ की मौजूदगी को लेकर चिंता की एक बड़ी वजह पहले हुई दर्दनाक घटना है।फरवरी 2026 में रोइंग-अनिनी मार्ग के मायूदिया क्षेत्र में बाघ के हमले से अरुणाचल प्रदेश पुलिस के हेड कांस्टेबल चिकसेंग मनपांग की मौत हो गई थी।वह मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे थे, तभी बाघ ने उन पर हमला कर दिया था।इस घटना के बाद भी वन विभाग ने इलाके में सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी की थी।हालांकि, फरवरी की घटना में शामिल बाघिन बाद में मृत पाई गई थी। इसलिए अक्टूबर में दिखाई दिए बाघ को उसी घटना से सीधे जोड़ने का कोई आधार नहीं है।
वन विभाग की टीम बाघ की तलाश में जुटी
मेहाओ वन्यजीव अभयारण्य प्रभाग के डीएफओ मितो रूमी ने बताया कि बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई।उन्होंने कहा कि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।वन विभाग के कर्मचारी प्रभावित क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।अधिकारियों का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ वन्यजीव को भी नुकसान से बचाना है।वन विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बाघ फिलहाल किस क्षेत्र में मौजूद है और उसकी गतिविधियां किस दिशा में बढ़ रही हैं।
आसपास के जंगलों में जाने से बचने की अपील
वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों से प्रभावित क्षेत्र के आसपास स्थित जंगलों में प्रवेश नहीं करने की अपील की है।विशेष रूप से जंगलों में ट्रेकिंग करने, लकड़ी और अन्य वन उपज एकत्र करने के लिए जाने से फिलहाल बचने की सलाह दी गई है।अधिकारियों के अनुसार, बाघ की गतिविधियों का आकलन किए जाने तक लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।स्थानीय निवासियों को वन विभाग और जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।किसी भी स्थान पर बाघ दिखाई देने की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है।
बाघ दिखाई देने पर इन बातों का रखें ध्यान
वन विभाग की एडवाइजरी के अनुसार, प्रभावित मार्ग से यात्रा करते समय लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
- निर्धारित चार किलोमीटर के हिस्से में दोपहिया वाहन न चलाएं।
- बाघ दिखाई देने पर उसके पास जाने या तस्वीर लेने के लिए वाहन से बाहर न निकलें।
- सड़क पर अनावश्यक रूप से रुकने और पिकनिक मनाने से बचें।
- चारपहिया वाहन की खिड़कियां बंद रखें।
- आसपास के जंगलों में ट्रेकिंग और वन उपज एकत्र करने के लिए न जाएं।
- बाघ की मौजूदगी की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में बाघ को परेशान करने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें।
बाघ दिखाई देने पर इन नंबरों पर दें सूचना
वन विभाग ने बाघ की गतिविधियों के संबंध में जानकारी देने के लिए संपर्क नंबर भी जारी किए हैं।मेहाओ वन्यजीव अभयारण्य प्रभाग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर मागोने लिंगी से संपर्क किया जा सकता है।संपर्क नंबर: 7085459372 और 9436221862इन नंबरों पर बाघ की मौजूदगी की जानकारी दी जा सकती है, ताकि वन विभाग की टीम आवश्यक कार्रवाई कर सके।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकना बड़ी चुनौती
अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली क्षेत्र में घने जंगल और समृद्ध वन्यजीव विविधता पाई जाती है।यह इलाका कई वन्यजीव प्रजातियों के प्राकृतिक आवास के रूप में जाना जाता है।हालांकि, जंगलों से होकर गुजरने वाली सड़कों पर कभी-कभी जंगली जानवरों की आवाजाही भी देखने को मिलती है।ऐसी परिस्थितियों में मानव और वन्यजीव के बीच टकराव की आशंका बढ़ सकती है।वन विभाग की ओर से लागू प्रतिबंधों का उद्देश्य इसी जोखिम को कम करना है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
रॉयल बंगाल टाइगर के दिखाई देने के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध और अन्य सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।फिलहाल बुधवार को दिखाई दिए बाघ द्वारा किसी व्यक्ति पर हमला किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।