नई दिल्ली: डी/वैली क्षेत्र में फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) यानी मुंह-खुर रोग के मामले बढ़ने की जानकारी सामने आई है। पशुओं में फैल रही इस बीमारी को लेकर पशुपालकों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

फुट एंड माउथ डिजीज एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और अन्य दो खुर वाले पशुओं को प्रभावित करती है। इसमें पशुओं के मुंह और पैरों में छाले, बुखार, कमजोरी और चलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुपालन विभाग और संबंधित एजेंसियों की ओर से निगरानी बढ़ाई जा रही है। प्रभावित पशुओं की पहचान, उपचार और संक्रमण रोकने के उपायों पर ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार FMD तेजी से फैलने वाली बीमारी है, इसलिए संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखना जरूरी होता है। पशुपालकों को साफ-सफाई बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध लक्षण की सूचना तुरंत देने की सलाह दी जाती है।
बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण को महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। नियमित टीकाकरण और समय पर जांच से पशुओं में संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से पशुपालकों को सतर्क रहने और पशुओं की आवाजाही पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। बाजारों और पशु मेलों में भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि संक्रमण दूसरे क्षेत्रों तक न फैले।
FMD से पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ डेयरी और पशुपालन से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए बीमारी को नियंत्रित करने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
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