ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में नए सिन्यिक जिले (Sinyik District) के गठन की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में टैगिन कल्चरल सोसाइटी (TCS) सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। बैठक में प्रस्तावित जिले के गठन से जुड़े प्रशासनिक और विकास संबंधी मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि नए जिले के गठन से संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने में मदद मिल सकती है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से इस मांग पर विचार करने का आग्रह किया।
सिन्यिक जिले की मांग पर चर्चा
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित सिन्यिक जिले की जरूरत को लेकर अपना पक्ष रखा। संगठनों का कहना है कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नया जिला बनने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर सरकारी कार्यालयों और सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद जताई गई। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और लोगों की प्रशासनिक जरूरतों को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। संगठनों ने मांग की कि राज्य सरकार नए जिले की व्यवहार्यता पर गंभीरता से विचार करे।
प्रशासनिक सुविधाओं का दिया हवाला
नए जिले की मांग करने वाले संगठनों का प्रमुख तर्क प्रशासनिक सुविधा से जुड़ा है। अरुणाचल प्रदेश में पहाड़ी भूगोल और दूर-दराज बस्तियों के कारण कई बार लोगों के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। संगठनों का मानना है कि सिन्यिक जिले का गठन होने पर प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिल सकता है। स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और अन्य सरकारी सेवाओं की निगरानी स्थानीय स्तर पर बेहतर होने की संभावना भी जताई गई है।
विकास को मिलेगी गति: संगठन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़े मुद्दे भी रखे। उनका कहना है कि अलग जिला बनने से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। हालांकि किसी नए जिले के गठन से पहले राज्य सरकार को जनसंख्या, क्षेत्रफल, प्रशासनिक जरूरत, वित्तीय प्रभाव और बुनियादी ढांचे सहित कई पहलुओं का आकलन करना होता है।
सरकार के फैसले पर नजर
मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के बाद सिन्यिक जिले की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। TCS और अन्य संगठनों को उम्मीद है कि राज्य सरकार उनकी मांग पर विचार करेगी। फिलहाल नए जिले के गठन को लेकर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है। सरकार की ओर से औपचारिक निर्णय होने तक सिन्यिक को प्रस्तावित जिले के रूप में ही देखा जाएगा। आने वाले समय में इस मांग को लेकर सरकार और संबंधित संगठनों के बीच आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी।
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