ईटानगर। भारतीय सेना के 101 एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाघवा ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक से ईटानगर स्थित लोक भवन में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच पूर्वोत्तर क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, नागरिक-सैन्य समन्वय और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान राज्यपाल केटी परनाइक ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में सेना की परिचालन तैयारियों और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में शिलांग स्थित 101 एरिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों वाले पूर्वोत्तर क्षेत्र में सैन्य इकाइयों तक आवश्यक संसाधनों और सहायता को समय पर पहुंचाने में मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राज्यपाल ने पूरे क्षेत्र में कॉम्बैट लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित करने के लिए 101 एरिया द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। पूर्वोत्तर के कई इलाके पहाड़ी और दुर्गम हैं। ऐसे क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों के साथ जरूरी सामान, उपकरण और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण बैठक में लॉजिस्टिक्स सपोर्ट को और प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

राज्यपाल परनाइक ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारतीय सेना और 101 एरिया की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने बाढ़ और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों में कमांड द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की तारीफ की। ऐसी घटनाओं के दौरान सेना ने बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में सहयोग देकर प्रभावित समुदायों तक सहायता पहुंचाने में भूमिका निभाई है।

पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रहती हैं। पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क टूटने, पुलों को नुकसान पहुंचने और दूरदराज के क्षेत्रों के मुख्य मार्गों से कट जाने के कारण राहत अभियान चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में सेना के पास मौजूद संसाधन, प्रशिक्षित जवान और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क राहत एवं बचाव अभियान में महत्वपूर्ण साबित होते हैं।

बैठक में मानवीय सहायता एवं आपदा राहत यानी HADR व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल राहत कार्यों की गति और प्रभावशीलता बढ़ाने में मदद करता है। राज्य प्रशासन, सुरक्षा बलों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय से प्रभावित इलाकों में बचाव दल, खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य जरूरी सहायता तेजी से पहुंचाई जा सकती है।

राज्यपाल ने नागरिक प्रशासन और सेना के बीच मजबूत समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन का महत्व और बढ़ जाता है। सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों में कई बार आपात स्थिति के दौरान सेना और स्थानीय प्रशासन को मिलकर काम करना पड़ता है।

बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि नागरिक प्रशासन और सैन्य प्रतिष्ठानों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और संसाधनों के बेहतर उपयोग से आपदा के समय प्रतिक्रिया को और मजबूत किया जा सकता है। प्राकृतिक आपदा आने पर शुरुआती कुछ घंटे राहत और बचाव अभियान के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में पहले से तैयार समन्वय तंत्र प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में उपयोगी साबित हो सकता है।

लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाघवा ने भी राज्यपाल को 101 एरिया से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं से अवगत कराया। बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र में सैन्य लॉजिस्टिक्स की जरूरतों और अलग-अलग परिस्थितियों में सेना द्वारा नागरिक प्रशासन को दिए जाने वाले सहयोग से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

शिलांग स्थित 101 एरिया पूर्वोत्तर क्षेत्र में सेना की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां सैनिकों और सैन्य प्रतिष्ठानों तक संसाधन पहुंचाने के लिए मजबूत आपूर्ति व्यवस्था की जरूरत होती है। इसके साथ ही आपदा के समय उपलब्ध सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल नागरिकों की सहायता के लिए भी किया जाता है।

अरुणाचल प्रदेश में पहाड़ी भूभाग, दूरदराज की बस्तियां और मौसम में तेजी से होने वाले बदलाव राहत एवं बचाव कार्यों को जटिल बना सकते हैं। कई इलाकों में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से सड़कें बंद होने की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच तालमेल से राहत अभियान चलाना आवश्यक हो जाता है।

राज्यपाल परनाइक स्वयं भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवा दे चुके हैं। बैठक के दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा और भौगोलिक चुनौतियों के संदर्भ में मजबूत लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने 101 एरिया द्वारा सैन्य आवश्यकताओं के साथ-साथ मानवीय सहायता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने विशेष रूप से उन परिस्थितियों का उल्लेख किया, जब बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने की जरूरत होती है। सेना की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण कई बार दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं को बहाल करने में मदद मिलती है।

बैठक में भविष्य में भी नागरिक और सैन्य एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रभावी सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन से आपदा प्रबंधन के साथ-साथ दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता को बेहतर किया जा सकता है।

राज्यपाल और लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाघवा के बीच हुई यह बैठक पूर्वोत्तर क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, परिचालन समन्वय और आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर केंद्रित रही। राज्यपाल ने 101 एरिया की भूमिका की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि सेना और नागरिक प्रशासन के बीच सहयोग भविष्य में भी इसी तरह मजबूत बना रहेगा।

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