ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। राज्य के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ और लैंडस्लाइड की अलग-अलग घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सेना के पांच जवान लापता बताए जा रहे हैं।

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) के अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि दोनों घटनाएं शुक्रवार शाम को हुईं। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में सेना के दो शेल्टर बह गए। इस घटना के बाद सेना के पांच जवान लापता हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दलों को सक्रिय किया गया और लापता जवानों की तलाश शुरू कर दी गई है।

दिबांग वैली क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खराब मौसम, लगातार बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें अभियान चला रही हैं।

प्रशासन के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर मलबा जमा होने के कारण यातायात बाधित हुआ है। राहत दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने और चट्टानें गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के लिए भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें मिलकर राहत कार्य चला रही हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी-नालों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

भूस्खलन की घटनाओं में चार लोगों की मौत के बाद प्रभावित परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद दी जाएगी।

अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। हालांकि, इस बार भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से जमीन कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।

सेना के लापता जवानों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि जवानों का पता जल्द लगाया जा सके।

राज्य सरकार और प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। मौसम में सुधार आने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में अभियान को और तेज किया जाएगा।

फिलहाल अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। सेना के जवानों की तलाश, प्रभावित लोगों की सहायता और यातायात व्यवस्था बहाल करना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।

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