ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को मजबूत करने की दिशा में नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। परिषद के सहयोग से राज्य में कुल 82.41 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना तथा स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

सड़क और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बेहतर कनेक्टिविटी विकास की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है। पहाड़ी इलाकों, दूरदराज के गांवों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण से स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार जैसी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर होती है।
NEC लंबे समय से पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता रहा है। अरुणाचल में पूरी हुई परियोजनाएं भी इसी व्यापक विकास रणनीति का हिस्सा हैं।
₹82.41 करोड़ की परियोजनाएं पूरी
कुल 82.41 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं को तैयार करने में स्थानीय जरूरतों और क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया।
पूर्वोत्तर के राज्यों में विकास परियोजनाओं की लागत और समय दोनों पर दुर्गम भूभाग, भारी बारिश, भूस्खलन और परिवहन की चुनौतियों का असर पड़ सकता है। ऐसे में परियोजनाओं का पूरा होना स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।
सीमावर्ती राज्य के लिए कनेक्टिविटी अहम
अरुणाचल प्रदेश देश के सबसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्यों में शामिल है। राज्य के कई जिले पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं। इस कारण यहां सड़क और संचार नेटवर्क को मजबूत करना सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
नई और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में सामान की आवाजाही आसान हो सकती है। किसानों और स्थानीय उत्पादकों को बाजार तक पहुंचने में सुविधा मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच
सड़क और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। बेहतर कनेक्टिविटी होने से छात्रों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने और मरीजों को अस्पताल तथा स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाने में लगने वाला समय कम किया जा सकता है।
विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में सड़क संपर्क महत्वपूर्ण होता है। अरुणाचल के कई इलाकों में मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में मजबूत और बेहतर बुनियादी ढांचा स्थानीय प्रशासन की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को भी बेहतर कर सकता है।
पर्यटन को भी मिलेगा फायदा
अरुणाचल प्रदेश प्राकृतिक सुंदरता, पर्वतीय क्षेत्रों, बौद्ध मठों और जनजातीय संस्कृति के कारण पर्यटन की बड़ी संभावनाएं रखता है। लेकिन दूरदराज के कई पर्यटन स्थलों तक पहुंच मुश्किल होने के कारण पर्यटन क्षमता का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
बेहतर सड़क और दूसरी सुविधाएं विकसित होने से पर्यटकों की आवाजाही आसान हो सकती है। इससे होटल, होमस्टे, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प और खानपान से जुड़े छोटे कारोबारों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
पूर्वोत्तर के विकास में NEC की अहम भूमिका
North Eastern Council पूर्वोत्तर क्षेत्र के संतुलित सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए काम करने वाली प्रमुख संस्था है। यह क्षेत्रीय स्तर की परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
परिषद सड़क और परिवहन से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं का समर्थन करती है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के साथ राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी तैयार करना है।
अरुणाचल प्रदेश में 82.41 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का पूरा होना इसी दिशा में एक और कदम है। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर सुविधाओं में सुधार के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने और दूरदराज क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
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