ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में आवश्यक कदम बताते हुए कहा कि चुनावी व्यवस्था में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में गड़बड़ियां होंगी, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के सही ढंग से काम करने पर असर पड़ सकता है।ईटानगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पेमा खांडू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में पहले भी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में इस प्रक्रिया की सराहना हुई थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उनके अनुसार, मतदाता सूची को स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को सहयोग करना चाहिए।
सभी राजनीतिक दलों से SIR का समर्थन करने की अपील
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को राजनीतिक विवाद के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि मतदाता सूची में स्पष्टता बनाए रखना चुनावी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता के वोट का विशेष महत्व है। ऐसे में मतदाता सूची से संबंधित किसी भी गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में स्पष्टता आने से चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।खांडू ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतंत्र को मजबूत करने से जुड़ा विषय है।
पहले भी अपनाई जा चुकी है पुनरीक्षण प्रक्रिया
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पहले भी किया जा चुका है।उन्होंने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसलिए इसे पूरी तरह नई व्यवस्था के रूप में नहीं देखा जाना चाहिएखांडू ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में इस प्रक्रिया की सराहना हुई है और इससे मतदाता सूची को लेकर स्पष्टता आई है।इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने राज्य में एसआईआर के नियमों का पालन करने और शिकायतों को निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाने की अपील की थी। सितंबर में उन्होंने बताया था कि राज्य में पिछला विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2006 में हुआ था।
लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ा हथियार: खांडू
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मतदान के अधिकार को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बतायाउन्होंने कहा, "हमें SIR के बारे में कुछ नहीं कहना है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश में भी यह पहले हो चुका है। यहां सभी ने इसकी सराहना की है। SIR से काफी स्पष्टता आई है क्योंकि, जैसा कि आप देख सकते हैं, लोकतंत्र में वोट हमारा सबसे बड़ा हथियार है। अगर आप उस वोट बैंक में ही गड़बड़ी करते हैं, तो लोकतंत्र ठीक से काम नहीं करता है।"मुख्यमंत्री के इस बयान का मुख्य जोर मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी व्यवस्था में लोगों के विश्वास पर रहा।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट का महत्व है। इसलिए मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में स्पष्टता होना जरूरी है।खांडू ने राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया।
अरुणाचल प्रदेश में करीब 6.90 लाख मतदाता
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपने संबोधन में अरुणाचल प्रदेश के मतदाताओं की संख्या का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 6.90 लाख मतदाता हैं। उनके अनुसार, मतदाता सूची में स्पष्टता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची की समीक्षा के माध्यम से संबंधित विवरणों की जांच की जाती है।मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी व्यवस्था की एक निर्धारित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं का नाम सूची में दर्ज रखना, आवश्यक सुधार करना और निर्धारित नियमों के अनुसार सूची को अद्यतन करना होता है।इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की पात्रता और उनके विवरणों की जांच की जा सकती है।हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से बताई गई लगभग 6.90 लाख मतदाताओं की संख्या के साथ किसी विशिष्ट तारीख की आधिकारिक मतदाता सूची का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
मतदाता सूची में स्पष्टता को बताया जरूरी
पेमा खांडू ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी होने से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।उनका कहना था कि मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया का आधार होती है। ऐसे में इसकी शुद्धता बनाए रखना आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से अरुणाचल प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर स्पष्टता बढ़ी है।उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर सभी राजनीतिक दलों को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिएहालांकि, एसआईआर को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने एसआईआर से जुड़े निर्णयों के संबंध में कहा है कि ये आयोग की सामूहिक मंजूरी से लिए गए थे।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपने बयान में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पहले भी किया जा चुका है।उनका कहना था कि जब यह प्रक्रिया पहले भी अपनाई गई है, तो राजनीतिक दलों को इसके उद्देश्य को समझना चाहिए।मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची में स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूची की विश्वसनीयता आवश्यक है।खांडू ने राजनीतिक दलों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सहयोग करने की अपील की, हालांकि उन्होंने अपने उपलब्ध बयान में किसी विशेष दल के लिए अलग निर्देश नहीं दिए।
SIR को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक चर्चा जारी है।कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी नेताओं ने प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।वहीं, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस प्रक्रिया का समर्थन करते हुए इसे मतदाता सूची में स्पष्टता लाने वाला कदम बताया।इससे पहले भी उन्होंने चुनाव आयोग के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा था कि एसआईआर से संबंधित निर्णय आयोग की सामूहिक सहमति से लिए गए थे।हालांकि, किसी भी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन उसके नियमों, उपलब्ध रिकॉर्ड, शिकायतों के निस्तारण और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के आधार पर किया जाता है।
सभी दलों से सहयोग की अपील दोहराई
ईटानगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर रविवार को दिए गए बयान में पेमा खांडू ने मतदाता सूची की शुद्धता को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ा।उन्होंने कहा कि वोट लोकतंत्र का सबसे बड़ा हथियार है और मतदाता सूची में गड़बड़ी होने से चुनावी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।मुख्यमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश में पहले हुई पुनरीक्षण प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे स्पष्टता आई थी।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से एसआईआर का समर्थन करने की अपील की। खांडू के अनुसार, मतदाता सूची में पारदर्शिता और स्पष्टता बनाए रखने के लिए इस प्रक्रिया में सहयोग आवश्यक है।