अरुणाचल प्रदेश में कम से कम 65,884 चकमा और हाजोंग शरणार्थी रहते हैं। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य के तीन जिलों - चांगलांग, नामसाई और पापुम में 2015-16 में सरकार की ओर से किए गए एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए सोमवार को विधानसभा को बताया।
खांडू ने कांग्रेस विधायक वांगलिन लोवांगडोंग को एक लिखित जवाब में यह भी कहा कि सरकार ने चांगलांग जिले में चकमा और हाजोंग को 4,240.24 हेक्टेयर, नमसाई में 730.432 हेक्टेयर और पापुम पारे में लगभग 14 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आवंटित किया है। उन्होंने बताया कि चांगलांग के मियाओ, खरखांग और दीयुन में सबसे ज्यादा शरणार्थी बसे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह नामसाई में वे चोंगखम सर्कल के तीन गांवों में रहते हैं, जबकि पापुम पारे में वे चांगमारा-मगोनी और चेसा क्षेत्रों में हैं। इसके अतिरिक्त शरणार्थियों ने चांगलांग में 5,819.88 हेक्टेयर और नामसाई जिलों में 289.57 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पापुम पारे में किसी भी तरह के अतिक्रमण की सूचना नहीं मिली है।
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