अरुणाचल प्रदेश: नागालैंड के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का पहला मैच नहीं खेल पाएगा, जो 11 अक्टूबर को अहमदाबाद में शुरू होने वाला था। राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में अंदरूनी झगड़े की वजह से टीम चुनने के लिए कोई काम करने वाली अथॉरिटी नहीं बची है।
इस संकट का असर राज्य के एज-ग्रुप क्रिकेट पर भी पड़ा है। अरुणाचल प्रदेश गुरुवार को भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ विनू मांकड़ ट्रॉफी मैच के लिए अपनी अंडर-19 टीम नहीं उतार पाया।
यह प्रशासनिक गतिरोध अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (APCA) के विरोधी गुटों के बीच झगड़े की वजह से पैदा हुआ है। एसोसिएशन के हालिया चुनावों में कथित गड़बड़ियों का मामला गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच में चल रहा है।
एसोसिएशन ने सितंबर में चुनाव कराए थे, जिसमें नबम विवेक को प्रेसिडेंट चुना गया था। हालांकि, बाद में कई डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन ने चुनावों को चुनौती देते हुए और गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिससे बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) इस गतिरोध को सुलझाने के लिए दखल नहीं दे पा रहा है। बोर्ड ने इसी तरह के हालात में बिहार में एक इंडिपेंडेंट सिलेक्शन पैनल बनाने के लिए कदम उठाए थे।
BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने पत्रकारों से कहा था, "कोर्ट का स्टे ऑर्डर है और BCCI दखल नहीं दे सकता। राज्य की संस्था को चलाने वाला कोई नहीं है। जब तक कोर्ट से मंजूरी नहीं मिलती, हम कुछ नहीं कर सकते।"
इस झगड़े की वजह से एसोसिएशन टीम चुनने जैसे अहम फैसले नहीं ले पा रहा है, जिसके चलते अरुणाचल प्रदेश कई टूर्नामेंट में तय मैच नहीं खेल पा रहा है।
अरुणाचल प्रदेश का पिछला रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का सफर मुश्किल भरा रहा था, जिसमें टीम अपने सभी पांचों मैच हारकर सबसे नीचे रही थी।
प्लेट ग्रुप में अरुणाचल प्रदेश के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और सिक्किम की टीमें भी खेल रही हैं।
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