अरुणाचल: अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में डपोरिजो के पास स्थित 'मेंगा मंदिर' (जिसे 'मेघना गुफा मंदिर' भी कहा जाता है) भगवान शिव को समर्पित एक प्राकृतिक गुफा मंदिर है। यह मंदिर यहाँ मौजूद प्राकृतिक शिवलिंग, संकरे भूमिगत रास्तों और अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।
पहाड़ी ढलान पर स्थित इस मंदिर तक पहुँचने के लिए सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। गुफा के भीतर भगवान शिव की पूजा 'लकुलीश' के रूप में की जाती है; शैव परंपरा में उन्हें भगवान शिव का 28वाँ अवतार माना जाता है। गुफा के अंदर मौजूद एक बड़ी प्राकृतिक चट्टानी संरचना (स्टैलेग्माइट) को भक्त 'स्वयंभू शिवलिंग' मानते हैं, जिसका अर्थ है कि यह स्वयं प्रकट हुआ शिव का स्वरूप है।
इस गुफा के अंदर दो अंधेरी सुरंगें हैं। इनमें से एक का प्रवेश द्वार काफी चौड़ा है, जो आगे चलकर धीरे-धीरे संकरा होता जाता है। यह रास्ता इतना तंग हो जाता है कि भक्तों को आगे बढ़ने के लिए रेंगकर चलना पड़ता है। गुफा की प्राकृतिक चट्टानी संरचनाएँ और इसके संकरे रास्ते इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं।
क्षेत्रीय अभिलेखों के अनुसार, यह गुफा लगभग 5,000 साल पुरानी मानी जाती है और 1962 में इसे फिर से खोजा गया था। गुफा के भीतर कुछ शिलालेख भी मिले हैं, जिनका संबंध 'काली पुराण' से जुड़े प्राचीन संस्कृत ग्रंथों से बताया जाता है। इससे इस स्थान का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
मेंगा मंदिर इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहाँ बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव की प्रार्थना करने और गुफा की अनोखी प्राकृतिक संरचनाओं को देखने आते हैं।
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