
नई दिल्ली NEW DELHI : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने 17 सितंबर को महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर में असमावती रिवरफ्रंट पर आयोजित एक कार्यक्रम में लाखों खादी कारीगरों को प्रोत्साहन राशि दी।
सूत कातने वालों के वेतन में 25 प्रतिशत और बुनकरों के वेतन में 7 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की गई है। बढ़ी हुई मजदूरी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर से लागू होगी। इस अवसर पर असमावती रिवरफ्रंट पर स्थापित 26 फीट लंबे और 13 फीट चौड़े स्टेनलेस स्टील के ‘स्मारक चरखे’ का भी अनावरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान केवीआईसी के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 3,911 लाभार्थियों के खातों में 101 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की और वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए 1,100 नई पीएमईजीपी इकाइयों का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि उनके कार्यकाल में दूसरी बार सूत कातने वालों और बुनकरों की मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। 2 अक्टूबर से सूत कातने वालों को 10 रुपये की जगह 12.50 रुपये प्रति हैंक मजदूरी मिलेगी। इससे पहले 1 अप्रैल 2023 को इसे 7.50 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति हैंक किया गया था।
उन्होंने आगे कहा कि मोदी के नेतृत्व में 'खादी क्रांति' ने सूत कातने वालों और बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पिछले वित्तीय वर्ष में खादी का कारोबार 1.55 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। खादी परिवार के कारीगरों को लाभ पहुंचाने के प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप आयोग ने उनकी मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। कुमार ने कहा कि देशभर में करीब 3000 पंजीकृत खादी संस्थाएं हैं, जिनके माध्यम से 4.98 लाख खादी कारीगरों को रोजगार मिला हुआ है। इनमें से करीब 80 फीसदी महिलाएं हैं। बढ़ी हुई मजदूरी से उन्हें नई आर्थिक ताकत मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार में अब तक मजदूरी में करीब 213 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जो इस बात का प्रतीक है कि खादी के जरिए ग्रामीण भारत आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पीएमईजीपी के तहत देशभर के 3911 लाभार्थियों के खातों में 101 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी (सब्सिडी) भी वितरित की गई। इसके जरिए 43021 नए रोजगार सृजित हुए हैं। इसके साथ ही देशभर में स्थापित 1100 नई पीएमईजीपी इकाइयों का उद्घाटन भी केवीआईसी चेयरमैन ने किया। लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि पीएमईजीपी देश के कुटीर उद्योग के लिए नई ऊर्जा और शक्ति बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके जरिए पिछले 10 वर्षों में 9.58 लाख नई परियोजनाओं के जरिए 83.48 लाख लोगों को रोजगार मिला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस अवधि के दौरान केवीआईसी ने करीब 24,000 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की है।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘खादी एवं ग्रामोद्योग के जरिए पिछले वित्त वर्ष में 10.17 लाख नए रोजगार सृजित हुए हैं।’’