ईटानगर ITANAGAR : 15 अगस्त को राजभवन में 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया, जिसमें राज्यपाल के.टी. परनायक ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उसे सलामी दी। राजभवन से जुड़ी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 33वीं बटालियन की इको कंपनी ने इस अवसर पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि “भारत का स्वतंत्रता दिवस दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के जन्म का प्रतीक है।” उन्होंने “भारत के उन बहादुर बेटों और बेटियों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।” परनायक ने देश के संस्थापकों के मूल्यों को याद किया, साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मतमूर जामोह, मोजे रीबा और कई अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया।

राज्य के युवाओं को "कल के पथप्रदर्शक" बताते हुए उन्होंने कहा कि "हमारी रचनात्मकता, नवाचार और दृढ़ संकल्प भारत के भविष्य को आकार देंगे।" राज्यपाल ने आगे कहा कि विकसित भारत@2047 विजन "एक ऐसे राष्ट्र की आकांक्षाओं को दर्शाता है जो अपनी ताकत पर निर्माण करने, चुनौतियों पर विजय पाने और 2047 तक समृद्धि, समानता और वैश्विक नेतृत्व के प्रतीक के रूप में उभरने के लिए दृढ़ संकल्पित है।" उन्होंने कहा कि अरुणाचल सामूहिक प्रयास, दृढ़ संकल्प और उन आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता के साथ इस विजन को प्राप्त कर रहा है, जिन्होंने अब तक भारत की यात्रा का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कहा, "इस विजन को साकार करने के लिए," "औद्योगिक विकास, डिजिटल नवाचार, सतत विकास और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि "शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना, व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देना और अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आवश्यक कदम हैं।" राज्यपाल और उनकी पत्नी अनघा परनायक ने इस अवसर पर भाग लेने वाले स्कूली बच्चों और अधिकारियों को मिठाइयाँ वितरित कीं। राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ राजभवन से सम्बद्ध सरकारी विभागों के अधिकारियों, सरकारी एवं निजी स्कूलों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भी इस समारोह में भाग लिया।


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