अरुणाचल प्रदेश में 12 घंटे का बंद, 63 शिक्षकों के तबादले पर बवाल
शिक्षकों के ट्रांसफर के विरोध में 8 संगठन सड़कों पर उतरे
पासीघाट: अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को आठ छात्र और युवा संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 12 घंटे का बंद लागू किया। यह बंद मुख्य रूप से जिले के 63 शिक्षकों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने के आदेश के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी संगठनों ने शिक्षा विभाग पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सुबह 5 बजे शुरू हुए बंद का असर पासीघाट, मेबो और रुकसिन उपखंडों में देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने रुकसिन गेट, फाइव माइल, रानेघाट और मेबो तिनियाली सहित कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया।
बंद के कारण बाजार, बैंक, पेट्रोल पंप, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। यात्री और मालवाहक वाहनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ। जोनाई-रुकसिन मार्ग पर कई तेल टैंकर, ट्रक, बसें और निजी वाहन फंसे रहे। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को बंद से छूट दी गई थी।
प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांग 63 शिक्षकों के तबादला आदेश को रद्द करना है। इसके अलावा जिले के भीतर शिक्षकों की तैनाती को व्यवस्थित करने के लिए एक महीने का समय देने, रिक्त पदों को भरने और अतिरिक्त शिक्षकीय पद स्वीकृत करने की मांग भी की गई है।
संगठनों का कहना है कि शिक्षकों की कमी से पहले ही सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले से विद्यार्थियों की शिक्षा पर और असर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस मुद्दे पर जिला शिक्षा अधिकारियों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष पहले भी मांगें रखी गई थीं। बंद के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। संगठनों के नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।