Amravati अमरावती। आंध्र प्रदेश में विपक्ष की मुख्य पार्टी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को पार्टी ने मेडिकल कॉलेजों के निजीकरण को वापस लेने की मांग को लेकर एक करोड़ हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। यह अभियान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के विरोध में जनता को जोड़ने का प्रयास माना जा रहा है। यह कदम वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व में अनकापल्ली जिले के नरसिपटनम में गुरुवार को आयोजित विशाल विरोध रैली के अगले ही दिन उठाया गया। 
उसी के साथ पार्टी ने पूरे राज्य में आंदोलन को व्यापक रूप से फैलाने का ऐलान किया है। शुक्रवार को पार्टी ने 175 विधानसभा क्षेत्रों में ‘राचाबंडा कार्यक्रम’ आयोजित किया, जिसके तहत हस्ताक्षर अभियान पोस्टर लॉन्च किए गए। यह कार्यक्रम 22 नवंबर तक जारी रहेगा, जिसमें पार्टी जनता के बीच जाकर चंद्रबाबू नायडू सरकार की नीतियों, विफलताओं और उपेक्षा को उजागर करेगी। वाईएसआरसीपी ने आंदोलन की एक विस्तृत योजना तैयार की है। 
28 अक्टूबर को विधानसभा स्तर पर विशाल रैलियां, 12 नवंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके बाद 23 नवंबर को सभी विधानसभा क्षेत्रों से हस्ताक्षर पत्र जिला केंद्रों पर पहुंचेंगे, और वहीं से लॉरियों के माध्यम से विजयवाड़ा भेजे जाएंगे। अगले दिन 24 नवंबर को पार्टी मुख्यालय में सभी जिलों से आए हस्ताक्षर पत्र एकत्र किए जाएंगे, और 25 नवंबर को जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व में राज्यपाल को एक करोड़ हस्ताक्षर सौंपे जाएंगे।
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