युद्ध की रणनीति तेजी से विकसित हो रही है, नए खतरों का पूर्वानुमान लगाने की जरूरत है: Rajnath Singh
Visakhapatnam,विशाखापत्तनम : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि हर संघर्ष में नई तकनीक और हथियारों के आने से युद्ध बहुत तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि उभरते खतरों का पूर्वानुमान लगाने और नए समाधान बनाने की आवश्यकता है। दो बहु-मिशन स्टील्थ फ्रिगेट, उदयगिरि और हिमगिरि के जलावतरण समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि आज के समय में सोचने के पुराने तरीके काम नहीं करेंगे और उन्होंने उन दिशाओं में सोचने की आवश्यकता पर बल दिया "जो अब तक अनछुई और अप्रत्याशित रही हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा, "आज के समय में युद्ध के त्रिकोण में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, हर संघर्ष में कुछ नई तकनीक, नई रणनीति और नए उपकरण सामने आ रहे हैं। युद्धों में इस तरह से लगातार बदलाव हो रहे हैं, इसलिए हमारे लिए न केवल खुद को अपडेट रखना आवश्यक हो गया है, बल्कि उन दिशाओं में भी सोचना आवश्यक हो गया है जो अब तक अनछुई और अप्रत्याशित रही हैं । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को प्राथमिकता दी है।
सिंह ने कहा, "पहले, उच्च तकनीक वाले उपकरण केवल कुछ ही देशों के पास उपलब्ध थे, लेकिन अब हम स्वयं उनका डिज़ाइन और निर्माण कर रहे हैं। आज, हम भविष्य की दृष्टि से अपने सशस्त्र बलों को मज़बूत कर रहे हैं। भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि देश अब न केवल भूमि, समुद्र और आकाश की रक्षा कर रहा है, बल्कि अंतरिक्ष, साइबरस्पेस, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र की भी रक्षा कर रहा है।
उन्होंने कहा, "आत्मनिर्भरता अब सिर्फ़ एक नारा नहीं रह गया है; यह एक ज़मीनी हक़ीक़त बनती जा रही है। यह हमारे वैज्ञानिकों, हमारे सभी सशस्त्र बलों के अधिकारियों और दिन-रात समर्पित भाव से काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी मेहनत से संभव हुआ है। यही कारण है कि आज हम उन चीज़ों को संभव होते हुए देख रहे हैं जो कुछ साल पहले असंभव लगती थीं।