Vizag Steel accident : मृतक वर्करों के परिजनों को 25 लाख मुआवजे की घोषणा
Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: विशाखापट्टनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के विजाग स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मृतक कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार ने कहा है कि हादसे में मारे गए प्रत्येक वर्कर के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को पक्की नौकरी देने और अन्य आवश्यक सहायता उपाय भी किए जाएंगे।
यह हादसा सोमवार शाम स्टील मेल्ट शॉप-1 में उस समय हुआ जब पिघले हुए स्टील की कास्टिंग की जा रही थी। इसी दौरान अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। धमाके के तुरंत बाद भीषण आग लग गई, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में आठ वर्करों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद प्लांट परिसर में सुरक्षा और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। फायर ब्रिगेड और आपातकालीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करते हुए जांच शुरू कर दी है।
यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार, यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की है कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने की जरूरत बताई है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदना है और सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। नौकरी और आर्थिक सहायता के अलावा अन्य कल्याणकारी कदम भी जल्द तय किए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन और स्टील प्लांट प्रबंधन ने संयुक्त रूप से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि धमाके का कारण क्या था और सुरक्षा में किस स्तर पर चूक हुई।
कुल मिलाकर, विजाग स्टील प्लांट में हुआ यह हादसा एक बड़ी औद्योगिक त्रासदी के रूप में सामने आया है, जिसमें कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। सरकार और प्रशासन अब राहत, मुआवजा और जांच की प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रहे हैं।