विशाखापत्तनम: जाम से मुक्ति के लिए GVMC की 'फ्री लेफ्ट टर्न' योजना

Update: 2026-04-02 14:41 GMT
Visakhapatnam: शहर की तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) ने यातायात प्रबंधन को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए 'फ्री लेफ्ट टर्न' (Free Left Turn) विकसित करने की योजना तैयार की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रेड सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतारों को कम करना और यात्रियों के समय की बचत करना है।
भीड़भाड़ वाले 20 जंक्शनों की पहचान
निगम के अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त सर्वेक्षण के बाद शहर के लगभग 20 ऐसे प्रमुख जंक्शनों की पहचान की गई है, जहाँ पीक आवर्स के दौरान यातायात रेंगने पर मजबूर हो जाता है। इन जंक्शनों पर बाएं मुड़ने वाले वाहनों के कारण सीधे जाने वाले वाहनों का रास्ता भी अवरुद्ध हो जाता है।
योजना के तहत, इन मोड़ों को चौड़ा किया जाएगा और वहां से बिजली के खंभों, होर्डिंग्स या अन्य बाधाओं को हटाया जाएगा। इससे बाएं मुड़ने वाले वाहन बिना सिग्नल का इंतजार किए सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेंगे।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
सड़क चौड़ीकरण: मोड़ों पर अतिरिक्त जगह बनाने के लिए फुटपाथों और उपलब्ध सरकारी भूमि का उपयोग किया जाएगा।
बाधाओं का स्थानांतरण: जंक्शनों के कोनों पर स्थित बिजली के ट्रांसफार्मर और टेलीफोन लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा।
साइनबोर्ड और मार्किंग: ड्राइवरों की सुविधा के लिए स्पष्ट 'फ्री लेफ्ट' साइनबोर्ड और सड़क पर थर्मल पेंट मार्किंग की जाएगी।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट: इस योजना को शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा जाएगा ताकि यातायात के प्रवाह की निगरानी की जा सके।
यात्रियों और पर्यावरण को लाभ
GVMC के इस निर्णय से न केवल यात्रियों को मानसिक तनाव से राहत मिलेगी, बल्कि इसके पर्यावरणीय लाभ भी हैं। ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के कम समय तक खड़े रहने से ईंधन की खपत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी गिरावट आएगी।
निगम आयुक्त के अनुसार, "शहर का बुनियादी ढांचा भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। फ्री लेफ्ट टर्न की सुविधा मिलने से 'बॉटलनेक' की समस्या खत्म होगी और एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता मिलने में आसानी होगी।"
बजट और समय सीमा
इस परियोजना के लिए निगम ने एक विशेष बजट आवंटित किया है। पहले चरण में उन 10 जंक्शनों पर काम शुरू किया जाएगा जहाँ दुर्घटनाओं की संभावना सबसे अधिक रहती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य रात के समय किया जाए ताकि आम जनता को असुविधा न हो। अनुमान है कि अगले छह महीनों के भीतर सभी चिन्हित जंक्शनों पर यह सुविधा पूरी तरह शुरू हो जाएगी।
चुनौतियां और समाधान
परियोजना के क्रियान्वयन में कुछ स्थानों पर निजी संपत्तियों का अतिक्रमण एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, GVMC प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे संपत्ति मालिकों के साथ बातचीत कर और नियमानुसार मुआवजा देकर इस प्रक्रिया को पूरा करेंगे। साथ ही, यातायात पुलिस को इन मोड़ों पर अवैध पार्किंग रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि 'फ्री लेफ्ट' का उद्देश्य विफल न हो।
विशाखापत्तनम को एक 'स्मार्ट सिटी' बनाने की दिशा में GVMC की यह योजना एक व्यावहारिक कदम है। यदि इसका कार्यान्वयन सही ढंग से होता है, तो यह न केवल विजाग की सड़कों को सुरक्षित बनाएगा बल्कि शहर की आधुनिक छवि को भी निखारेगा। स्थानीय निवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे दैनिक यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
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