अमरावती। आंध्र प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने उम्मीदवारों के लिए जरूरी दस्तावेजों को समय पर जारी करने का मुद्दा उठाया है। पार्टी के राज्य महासचिव और विधान परिषद सदस्य लेल्ला अप्पी रेड्डी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखकर जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संभावित उम्मीदवारों को जाति या समुदाय प्रमाण पत्र और जरूरी नो-ड्यूज़ अथवा NOC प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
अप्पी रेड्डी ने अपने पत्र में दावा किया कि पार्टी को राज्य के विभिन्न हिस्सों से ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनमें विपक्षी दलों के संभावित उम्मीदवारों के प्रमाण पत्र संबंधी आवेदनों के निपटारे में अनावश्यक देरी की बात कही गई है। हालांकि इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। YSRCP ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी आवेदनों पर समान नियमों के तहत और बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई हो।
YSRCP नेता ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कई मामलों में जाति, समुदाय, नो-ड्यूज़ और अन्य प्रमाण पत्र जरूरी होते हैं। ऐसे में यदि किसी पात्र उम्मीदवार को प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेज समय पर नहीं मिलते हैं तो वह निर्धारित समय सीमा में अपना नामांकन दाखिल करने से वंचित हो सकता है। उन्होंने इसे चुनाव में समान अवसर से जुड़ा मुद्दा बताया।
पत्र में राज्य चुनाव आयोग से जिला कलेक्टरों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, राजस्व विभाग के अधिकारियों, नगर आयुक्तों, पंचायत अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को तत्काल दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है। पार्टी का कहना है कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरे राज्य में एक समान, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।
अप्पी रेड्डी ने मांग की कि यदि कोई आवेदक निर्धारित पात्रता और आवश्यक दस्तावेज पूरे करता है तो उसका प्रमाण पत्र तय समय सीमा के भीतर जारी कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निष्क्रियता या अनावश्यक देरी के कारण किसी योग्य व्यक्ति के चुनाव लड़ने के अधिकार और अवसर पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। YSRCP भी उम्मीदवार चयन और चुनावी तैयारियों को लेकर सक्रिय है। हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मजबूत और स्थानीय स्तर पर स्वीकार्य उम्मीदवारों की पहचान जल्द पूरी करने पर जोर दिया है।
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर YSRCP इससे पहले भी राज्य चुनाव आयोग और अन्य चुनाव अधिकारियों के सामने कई मुद्दे उठा चुकी है। अगस्त में पार्टी ने मांग की थी कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं। पार्टी का कहना था कि अधूरी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने से कुछ पात्र मतदाताओं के नाम छूट सकते हैं।
यह मामला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट भी पहुंचा था। सितंबर में हाई कोर्ट ने YSRCP की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अंतिम संशोधित मतदाता सूची इस्तेमाल करने की मांग की गई थी। पार्टी ने अदालत में कहा था कि वह चुनाव स्थगित कराने की मांग नहीं कर रही, बल्कि यह चाहती है कि मतदान के लिए अधिक अद्यतन और अंतिम मतदाता सूची का इस्तेमाल हो।
इसके अलावा YSRCP ने वार्ड परिसीमन को लेकर भी राज्यव्यापी समीक्षा की मांग की थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि कुछ स्थानीय निकायों में वार्ड सीमाएं तय करते समय भौगोलिक निरंतरता, स्थानीय बस्तियों और मतदाताओं के वितरण से संबंधित विसंगतियां सामने आई हैं। इन दावों पर चुनाव अधिकारियों की प्रक्रिया और अंतिम निर्णय अलग से होना है।
चुनावी सुरक्षा को लेकर भी अप्पी रेड्डी इससे पहले राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिख चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में YSRCP ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। राज्य चुनाव आयोग ने उस प्रतिनिधित्व को पुलिस महानिदेशक के पास आवश्यक कार्रवाई और परीक्षण के लिए भेजा था।
अब जाति और नो-ड्यूज़ प्रमाण पत्रों का मुद्दा सामने लाते हुए YSRCP ने चुनाव आयोग से एक स्पष्ट और एकसमान व्यवस्था लागू करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के बाद दस्तावेजों के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने की स्थिति नहीं बननी चाहिए।
विशेष रूप से आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए संबंधित श्रेणी का प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी तरह स्थानीय निकायों से संबंधित कुछ प्रक्रियाओं में उम्मीदवारों से बकाया या अन्य प्रशासनिक प्रमाण पत्र मांगे जा सकते हैं। ऐसे मामलों में आवेदन के निपटारे की समय सीमा उम्मीदवार के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
अप्पी रेड्डी ने राज्य चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह सभी जिलों के लिए एक समान समयबद्ध प्रक्रिया तय करे और अधिकारियों को बिना राजनीतिक भेदभाव के आवेदन निपटाने के निर्देश दे। YSRCP का आरोप है कि विपक्ष से जुड़े कुछ संभावित उम्मीदवारों के मामलों में देरी की जा रही है, लेकिन इन आरोपों पर संबंधित जिला प्रशासन या राज्य सरकार की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर ही स्थिति और स्पष्ट होगी।
स्थानीय निकाय चुनावों की तारीखों की घोषणा से पहले दस्तावेज, मतदाता सूची, वार्ड परिसीमन और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों के एजेंडे में आ गए हैं। अब नजर राज्य चुनाव आयोग के उस कदम पर रहेगी कि वह YSRCP की ताजा मांग पर क्या निर्देश जारी करता है और उम्मीदवारों के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर कोई राज्यव्यापी व्यवस्था तय की जाती है या नहीं।