140 किलो गांजा Case में तीन दोषियों को 10 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
Visakhapatnam विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के Anakapalle district के चोडावरम में स्थित IX एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़े मादक पदार्थ मामले में अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने 140 किलोग्राम मारिजुआना (गांजा) रखने के मामले में तीन लोगों को दोषी करार देते हुए 10 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।
इस मामले में दोषियों की पहचान पनुगंती सुब्बा राव (कडप्पा निवासी), अल्लू सत्यनारायण (विशाखापत्तनम निवासी) और ए. सत्तीबाबू (अनकापल्ले जिले निवासी) के रूप में हुई है। यह मामला नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध भंडारण से जुड़ा हुआ था, जिसकी जांच पुलिस और नारकोटिक्स विभाग द्वारा की गई थी।
Anakapalle district पुलिस के अनुसार, यह मामला उस समय सामने आया जब गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया गया था। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से नशीले पदार्थों के भंडारण और सप्लाई में शामिल थे। पुलिस ने सबूत के तौर पर जब्त किए गए गांजे को अदालत में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराध समाज पर गंभीर प्रभाव डालते हैं और युवाओं को नशे की ओर धकेलते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त सजा देना आवश्यक है ताकि नशा तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
Anakapalle district में यह मामला लंबे समय से चल रहा था और शुक्रवार को अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अंतिम फैसला सुनाया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में नशा तस्करी पर निगरानी और बढ़ाई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले समाज में एक सख्त संदेश देते हैं और अवैध ड्रग कारोबार में शामिल लोगों को रोकने में मदद करते हैं।
Anakapalle district प्रशासन ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि आगे भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल, 140 किलो गांजा मामले में आए इस फैसले को नशा विरोधी अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।