मोबाइल को लेकर भिड़े छात्र, लाठी-डंडे से हुआ वॉर, प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम

आंध्र प्रदेश, काकीनाडा: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से छात्रों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। यहां एक नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में मोबाइल फोन गायब होने को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हॉस्टल परिसर में लाठी-डंडे, चप्पलें और बाल्टियां तक चलने लगीं। बताया जा रहा है कि विवाद स्थानीय छात्रों और पूर्वोत्तर भारत से आए छात्रों के बीच हुआ। शुरुआती विवाद मोबाइल फोन के लापता होने को लेकर शुरू हुआ, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।

इस दौरान पूर्वोत्तर के कुछ छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है. मामला बढ़ने पर प्रशासन ने दोनों समूहों को अलग-अलग जगह ठहराया, ताकि तनाव आगे न बढ़े. यह घटना काकीनाडा के एसके कॉलेज ऑफ नर्सिंग (K College of Nursing) की है. दरअसल, 21 अगस्त को पूर्वोत्तर के एक छात्र का मोबाइल फोन गायब हो गया था. इसी बात को लेकर मणिपुर समेत पूर्वोत्तर के छात्रों और स्थानीय तेलुगू भाषी छात्रों के बीच विवाद शुरू हुआ. देखते ही देखते मामला झड़प तक पहुंच गया. सामने आए वीडियो में छात्रों के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है. तनाव के दौरान कुछ छात्रों ने हॉस्टल के अंदर शरण ली.
देखें वीडियो : 


हंगामे की खबर मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत करके हालात पर काबू पाया. तनाव दोबारा न फैले, इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. अन्य राज्यों के 31 छात्रों की सहमति लेकर उन्हें सुरक्षित तरीके से एक अलग हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया है.
मामले की जानकारी मिलते ही सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की. उन्होंने जिले के बड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो और विवाद को तुरंत सुलझाया जाए. इसके बाद हॉस्टल में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी छात्र को कोई परेशानी न हो.
एन बीरेन सिंह ने जताया आभार

 

मामले पर मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने मामले को लेकर बातचीत की है. छात्रों को सुरक्षित इमारत में भेज दिया गया है और उनकी सुरक्षा के लिए रात में एक महिला सब-इंस्पेक्टर को तैनात किया गया है. उन्होंने तुरंत उठाए गए कदमों के लिए एन चंद्रबाबू नायडू का आभार भी जताया.
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में है. मणिपुर के छात्रों ने भी सुरक्षा इंतजामों के लिए अधिकारियों का धन्यवाद किया है. छात्रों ने अलग रहने की व्यवस्था पर संतोष जताया. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मामला सुलझा लिया गया है. फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि हॉस्टल में दोबारा तनाव की स्थिति न बने.
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