अमरावती: गृह मंत्री वंगलापुडी अनिता ने रविवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा की। 'चक्रवात मुरासु' की चेतावनी को देखते हुए उन्होंने पूरी सरकारी मशीनरी को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।
लगातार आ रहे चक्रवातों के बीच जनता को होने वाली परेशानियों को रोकने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाने पर जोर देते हुए, उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और आपदा के समय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने तटीय जिलों के लोगों को सोमवार और मंगलवार को सतर्क रहने की सलाह दी, क्योंकि 'चक्रवात मुरासु' के प्रभाव से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को 'चक्रवात अर्नब' के दौरान दिखाई गई कार्यकुशलता के साथ ही इस चक्रवात से निपटने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
अनिता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संभावित रूप से प्रभावित होने वाले सभी जिलों में 24 घंटे काम करने वाले आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (इमरजेंसी कंट्रोल रूम) स्थापित करें और स्थिति पर लगातार नजर रखें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को पहले से ही संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया जाए।
मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे निचले इलाकों और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ जर्जर मकानों में रहने वालों की पहचान करें और उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
उन्होंने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी और आम जनता से अपील की कि वे आधिकारिक चेतावनियों को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कों से गिरे पेड़ों और बिजली के खंभों को तुरंत हटाने के लिए विशेष नियंत्रण टीमें तैयार रखी जानी चाहिए, ताकि आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
पुलिस, अग्निशमन सेवा, राजस्व, नगर प्रशासन और ऊर्जा विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे फील्ड स्तर पर मौजूद रहें और आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्रवाई करें।
गृह मंत्री ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से कहा कि वे अपनी समस्याओं और तत्काल जरूरतों के बारे में 'माना मित्र' (Mana Mitra) व्हाट्सएप नंबर 9552300009 पर जानकारी दें। आपातकालीन सहायता और जानकारी के लिए लोग राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से हेल्पलाइन नंबर 112, 1070 और 18004250101 पर संपर्क कर सकते हैं।
अनिता ने इस बात पर जोर दिया कि चक्रवात के प्रभाव को कम करने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाना, राहत कार्य चलाना और जन सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।