अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू बुधवार से दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विकास प्रोजेक्ट्स, जल परियोजनाओं और वित्तीय सहायता के मुद्दे उठाएंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब आंध्र प्रदेश के कई हिस्से गंभीर वर्षा की कमी और सूखे जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं।
आधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नायडू बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद दिल्ली रवाना होंगे। राजधानी में वह रातभर रुकेंगे और दो दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल समेत कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इन बैठकों में आंध्र प्रदेश के विकास से जुड़े लंबित प्रस्तावों और केंद्र से अपेक्षित वित्तीय सहयोग पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में मुख्यमंत्री विशाखापत्तनम मेट्रो रेल परियोजना और बीच कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी का मुद्दा उठा सकते हैं। विशाखापत्तनम को राज्य के प्रमुख औद्योगिक और शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाओं में इन दोनों परियोजनाओं को अहम माना जा रहा है। विशाखापत्तनम मेट्रो परियोजना से शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है, जबकि बीच कॉरिडोर से तटीय क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की योजना है।
विशाखापत्तनम मेट्रो रेल परियोजना को लेकर प्रक्रिया पहले से आगे बढ़ रही है। विशाखापत्तनम जिला प्रशासन की वेबसाइट पर मई 2026 में परियोजना की सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज भी प्रकाशित किए गए थे। ऐसे में राज्य सरकार अब केंद्र से आवश्यक मंजूरियों और आगे के सहयोग को गति देने पर जोर दे सकती है।
मुख्यमंत्री नदी-जोड़ो परियोजनाओं को लेकर भी केंद्र से समर्थन मांग सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, नायडू आंध्र प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने और सूखा प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए नदी जोड़ने की योजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। वह पोलावरम से नल्लामाला सागर को जोड़ने वाली परियोजना के लिए भी केंद्र की मंजूरी मांग सकते हैं। इसके अलावा पोलावरम परियोजना के दूसरे चरण के लिए करीब 42 हजार करोड़ रुपये जारी करने और स्पिलवे के ऊपर एक आइकॉनिक ब्रिज के निर्माण के लिए लगभग 2,300 करोड़ रुपये की सहायता की मांग किए जाने की संभावना है।
नायडू लंबे समय से दक्षिण भारत में उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए नदी जोड़ने की वकालत करते रहे हैं। हाल में उन्होंने गोदावरी और कावेरी नदी प्रणालियों को जोड़ने जैसे विकल्पों को सूखे से निपटने के दीर्घकालिक समाधान के रूप में उठाया है। केंद्र सरकार भी विभिन्न नदी-जोड़ो परियोजनाओं की व्यवहार्यता और पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन करती रही है।
इस बार दिल्ली दौरे में सूखे की स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रहने वाली है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून में भारी बारिश की कमी के बाद 21 जिलों के 388 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। इनमें 283 मंडल गंभीर रूप से प्रभावित और 105 मंडल मध्यम श्रेणी में प्रभावित बताए गए हैं। जून से अगस्त 2026 के बीच राज्य में करीब 53.4 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई। रिपोर्टों में अल नीनो स्थितियों को भी इस कमी को गंभीर बनाने वाला एक कारण बताया गया है।
रायलसीमा क्षेत्र में सूखे का असर सबसे ज्यादा बताया गया है। 388 सूखा प्रभावित मंडलों में से 186 रायलसीमा में हैं, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित 283 मंडलों में से 159 इसी क्षेत्र में स्थित हैं। कई इलाकों में जल स्रोतों पर दबाव बढ़ने और कृषि गतिविधियों पर असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं।
ऐसे हालात में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से राज्य के लिए विशेष आर्थिक मदद की मांग कर सकते हैं। राज्य सरकार का जोर सूखा राहत, किसानों की सहायता, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्र से अतिरिक्त सहायता हासिल करने पर रहने की संभावना है।
इससे पहले जुलाई 2026 में भी नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। केंद्र और राज्य सरकार के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर लगातार संपर्क बना हुआ है। अगस्त में प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश में कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया था।
दो दिवसीय दौरे में नायडू की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के साथ बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जल परियोजनाओं, पोलावरम और नदी-जोड़ो प्रस्तावों पर इस बैठक में विस्तृत चर्चा संभव है। मुख्यमंत्री गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिल सकते हैं और उसके बाद अमरावती लौटने का कार्यक्रम है।
कुल मिलाकर चंद्रबाबू नायडू का दिल्ली दौरा आंध्र प्रदेश के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की मंजूरी, जल संकट से निपटने की रणनीति और केंद्र से वित्तीय सहायता हासिल करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विशाखापत्तनम मेट्रो, बीच कॉरिडोर, पोलावरम और नदी-जोड़ो परियोजनाओं पर केंद्र की ओर से क्या प्रतिक्रिया मिलती है और सूखा प्रभावित राज्य के लिए कितनी अतिरिक्त सहायता पर सहमति बनती है।