Vijayawada विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश में न्यायपालिका के शीर्ष पद पर नई नियुक्ति के तहत Lisa Gill ने शनिवार को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) के रूप में शपथ ग्रहण की। उन्होंने इस पद पर Dhiraj Singh Thakur (सेवानिवृत्त) का स्थान लिया है।
शपथ ग्रहण समारोह विजयवाड़ा स्थित लोक भवन में आयोजित किया गया, जहां आंध्र प्रदेश के राज्यपाल S. Abdul Nazeer ने जस्टिस लिसा गिल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समारोह औपचारिक और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। जस्टिस लिसा गिल के शपथ लेने के साथ ही उन्होंने राज्य की न्यायिक प्रणाली में अपनी नई जिम्मेदारियां संभाल लीं। इस नियुक्ति को न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
जस्टिस लिसा गिल इससे पहले विभिन्न न्यायिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं और उन्हें न्यायिक मामलों के निपटारे में अनुभव और दक्षता के लिए जाना जाता है। उनके नेतृत्व में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यों में गति और पारदर्शिता की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक प्रशासन को सुदृढ़ बनाने में योगदान दिया। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त हुआ था, जिसे अब जस्टिस गिल ने संभाल लिया है।
शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं ने जस्टिस गिल का स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर न्यायपालिका की भूमिका और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों के अनुसार, जस्टिस गिल का कार्यकाल राज्य में न्यायिक प्रणाली को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। न्यायालय में लंबित मामलों के निपटारे और प्रशासनिक सुधारों पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
राज्य के कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस लिसा गिल की नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था में स्थिरता और निरंतरता बनाए रखने में सहायक होगी।
फिलहाल, जस्टिस गिल ने अपने पदभार ग्रहण के साथ ही न्यायिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाल ली है और आने वाले समय में उनके नेतृत्व में न्यायालय के कामकाज पर नजर रहेगी।
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