Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) अब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दे चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात का लैंडफॉल प्रोसेस अगले दो घंटों तक जारी रहेगा। यह फिलहाल एक गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) के रूप में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच स्थित यनम और काकीनाडा के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ घंटों में चक्रवात के चलते हवाओं की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा, जबकि कुछ क्षेत्रों में 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटीय इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
मौसम विभाग का अलर्ट और तैयारियां
आईएमडी ने आंध्र प्रदेश, यनम और ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में राहत दलों को तैनात कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) की कई टीमें पहले से ही तैयार हैं। मछलीपट्टनम, काकीनाडा, राजमहेंद्रवरम और अमलापुरम के आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक और प्रशासनिक कदम
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने राज्य सचिवालय में आपात बैठक बुलाई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी तटीय जिलों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जाए और किसी भी स्थिति में जनहानि न हो। तटीय गांवों से हजारों लोगों को सुरक्षित शेल्टर होम्स में स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन ने समुद्री किनारों पर मछुआरों और निवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
बारिश और बाढ़ की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवात मोंथा के कारण पूर्वी गोदावरी, कोंडा, विशाखापट्टनम और यनम क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होगी। कुछ स्थानों पर जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। रेलवे विभाग ने कुछ ट्रेनों को रद्द किया है और कुछ को रीरूट किया गया है।
आईएमडी की चेतावनी:
भारतीय मौसम विभाग ने कहा —
“अगले दो घंटों तक लैंडफॉल प्रक्रिया जारी रहेगी। इस दौरान यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार करते हुए काकीनाडा के दक्षिण में पहुंचेगा। इस दौरान 90 से 110 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी।”
समुद्र में खतरा बरकरार
विभाग ने समुद्र को अत्यधिक उग्र बताया है। बंदरगाहों पर सभी नौकाओं को सुरक्षित कर दिया गया है। विजाग पोर्ट, काकीनाडा और गंगवरम पोर्ट पर अलर्ट घोषित किया गया है। कोस्ट गार्ड ने गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
जनता से अपील
राज्य प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे चक्रवात के सबसे अधिक प्रभाव वाले होंगे, जिसके बाद इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।