Andhra Pradesh में 47 टेस्ट से हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान शुरू

Update: 2026-04-29 13:52 GMT
Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और बीमारियों की रोकथाम के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब दो महीने के भीतर राज्य में विशेष हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान चलाने जा रही है, जिसके तहत 47 तरह के मेडिकल टेस्ट किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य शुरुआती चरण में बीमारियों की पहचान करना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।
इस योजना के तहत राज्य के लगभग 57 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस पूरे अभियान पर हर साल करीब 163 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह कार्यक्रम बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य निगरानी और निवारक चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पहले ही राज्य में लोगों की सेहत की स्थिति का आकलन करने और बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए बचाव आधारित स्वास्थ्य नीति पर जोर दिया था। उनके निर्देशों के बाद अब इस योजना को औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने इस अभियान की शुरुआत की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और समय पर बनाने में मदद करेगी।
सरकार की योजना है कि इस स्क्रीनिंग अभियान के दौरान विभिन्न प्रकार की बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, किडनी से जुड़ी समस्याएं और अन्य सामान्य स्वास्थ्य विकारों की जांच की जाए। इसके लिए 47 अलग-अलग प्रकार के टेस्ट निर्धारित किए गए हैं, जिससे लोगों की व्यापक स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को इसमें शामिल किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस तरह की व्यापक स्क्रीनिंग से बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो सकेगी, जिससे गंभीर स्थितियों को रोका जा सकेगा और इलाज की लागत भी कम होगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अक्सर देखा जाता है कि कई बीमारियां तब तक पता नहीं चलतीं जब तक वे गंभीर रूप नहीं ले लेतीं। इस पहल से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान सफल होता है, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक मॉडल बन सकता है, जिसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान डेटा भी एकत्र किया जाएगा, जिससे राज्य में बीमारियों के पैटर्न को समझने और भविष्य की स्वास्थ्य नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर आंध्र प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल इलाज पर बल्कि रोकथाम पर आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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