पुलिवेंदुला में सोशल मीडिया केस में YSRC के पूर्व नेता सज्जला भार्गव रेड्डी पेश
Cuddapah कडप्पा: कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला पुलिस स्टेशन में शनिवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पूर्व सोशल मीडिया कन्वीनर Sajjala Bhargava Reddy एक कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामले में जांच के लिए पेश हुए।
यह मामला नवंबर 2024 में दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप है कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट के जरिए वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया गया था। जिन नेताओं के नाम इस मामले में सामने आए हैं, उनमें N. Chandrababu Naidu, Pawan Kalyan और Nara Lokesh शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, सज्जला भार्गव रेड्डी जांच के तहत पुलिवेंदुला के डीएसपी मुरलीनायक के सामने पेश हुए। यह पेशी उस केस के सिलसिले में हुई, जिसमें सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पहले ही रविंदर रेड्डी और अर्जुन रेड्डी के खिलाफ भी केस दर्ज किया जा चुका है। सभी आरोपियों की भूमिका की जांच साइबर क्राइम पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की सामग्री, उसके स्रोत और उसके पीछे की मंशा की विस्तृत जांच की जा रही है। इसके लिए तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।
डीएसपी मुरलीनायक के नेतृत्व में चल रही जांच टीम ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अधिकारियों के अनुसार, साइबर क्राइम यूनिट भी इस मामले में सक्रिय रूप से काम कर रही है और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों की जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि पोस्ट किसने, कब और किस उद्देश्य से की थी।
इस केस को राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह तकनीकी और तथ्य आधारित तरीके से की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों की जांच जरूरी है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और पुलिस सभी डिजिटल और कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रही है ताकि मामले में स्पष्टता लाई जा सके।