CM नायडू का पुलिस सुधार पर जोर, डिजिटल स्किल्स को बताया जरूरी

Update: 2026-07-24 09:19 GMT

अमरावती : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बदलते समय की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को नए सिरे से तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल साक्षरता केवल एक अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि हर पुलिस अधिकारी के लिए अनिवार्य कौशल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री तीन दिवसीय ‘AP पुलिस रिट्रीट 2026’ के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया और तकनीक आधारित, आधुनिक तथा नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखने वाले पुलिस बल के निर्माण पर चर्चा की।

तकनीक के साथ बदलनी होगी पुलिस व्यवस्था

मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और पुलिस को भी उसी गति से खुद को तैयार करना होगा। साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी और तकनीक आधारित अपराधों में बढ़ोतरी के बीच पुलिस अधिकारियों के लिए आधुनिक तकनीकों की समझ बेहद जरूरी हो गई है।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा विश्लेषण और डिजिटल उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल सीखना होगा। इससे अपराधों की रोकथाम और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

नागरिक केंद्रित पुलिसिंग पर जोर

रिट्रीट के दौरान पुलिस व्यवस्था को अधिक नागरिक केंद्रित बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और लोगों के बीच विश्वास मजबूत करना है।

उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और पुलिस सेवाओं को अधिक आसान और पारदर्शी बनाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस व्यवस्था में तकनीक के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा किए विचार

तीन दिवसीय कार्यक्रम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने पुलिसिंग के भविष्य, तकनीकी बदलाव और प्रशासनिक सुधारों पर अपने विचार रखे। अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि किस तरह तकनीक का इस्तेमाल करके पुलिसिंग को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है।

बैठक में साइबर सुरक्षा, डिजिटल जांच प्रणाली, अपराध नियंत्रण के नए तरीके और पुलिस प्रशिक्षण जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

साइबर अपराध बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध कानून-व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे अपराधों से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन अपराधों की कार्यप्रणाली की गहरी समझ होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल में लगातार प्रशिक्षण और कौशल विकास पर ध्यान देना होगा, ताकि अधिकारी नई तकनीकी चुनौतियों का सामना कर सकें।

पुलिस प्रशिक्षण में बदलाव की जरूरत

नायडू ने पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को भी समय के अनुरूप बदलने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुलिस प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक, डेटा प्रबंधन और आधुनिक जांच तरीकों को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस बल को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए संसाधनों, प्रशिक्षण और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

जवाबदेही और पारदर्शिता पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पुलिस को निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि एक मजबूत पुलिस व्यवस्था वही होती है, जो अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ आम नागरिकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता से सुने।

आंध्र पुलिस के लिए नई दिशा

‘AP पुलिस रिट्रीट 2026’ को राज्य की पुलिस व्यवस्था में सुधार और भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने पुलिसिंग को आधुनिक बनाने और नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में कई सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आंध्र प्रदेश पुलिस आने वाले समय में तकनीक और जनसेवा के बेहतर तालमेल के साथ देश के सामने एक उदाहरण पेश करेगी।

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