Andhra: आंध्र प्रदेश में जल प्रदूषण नियंत्रण संशोधन अधिनियम लागू करने को विधानसभा की मंज़ूरी
विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश विधानसभा ने गुरुवार को राज्य में केंद्र के 'जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024' को लागू करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।
यह प्रस्ताव डिप्टी सीएम के. पवन कल्याण की ओर से नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंडला मनोहर ने पेश किया। सभी सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
मनोहर ने कहा कि केंद्र ने 15 फरवरी, 2024 को संशोधित कानून को अधिसूचित किया था। यह अधिनियम शुरू में हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बनाया गया था। अन्य राज्य अपनी-अपनी विधानसभाओं और जहां लागू हो, वहां विधान परिषदों में प्रस्ताव पारित करके इसे अपना सकते हैं। किसी राज्य में यह संशोधन उस तारीख से लागू होता है जिस दिन ऐसा प्रस्ताव पारित किया जाता है।
मंत्री ने कहा कि संशोधन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के लिए ज़रूरी सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए प्रदूषण-नियंत्रण व्यवस्था को अधिक कुशल बनाना और नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इसके प्रमुख प्रावधानों में से एक है कुछ उल्लंघनों के लिए जेल की सज़ा की जगह आर्थिक जुर्माना लगाना।
संशोधन का उद्देश्य राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया को सरल बनाना भी है। इसमें कानून के तहत उल्लंघनों की जांच करने और जुर्माना लगाने के लिए एक निर्णायक अधिकारी (adjudicating officer) की नियुक्ति का प्रावधान है।
मनोहर ने कहा कि संशोधित अधिनियम को लागू करने से प्रदूषण-नियंत्रण प्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेह शासन मजबूत होगा, साथ ही सरल और उद्योग- व व्यवसाय-अनुकूल नियामक प्रक्रियाएं मिलेंगी।