ताडेपल्ली: आंध्र प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व सदस्य और 'गिरिजन प्रजा समाख्या' के संस्थापक-राष्ट्रीय अध्यक्ष वादित्या शंकर नाइक ने मांग की है कि राज्य सरकार बंजारा आदिवासी समुदाय के 'तीज' त्योहार को आधिकारिक तौर पर राज्य-स्तरीय त्योहार का दर्जा दे और इसके आयोजन के लिए हर साल एक खास बजट तय करे।

रविवार को सीतानगरम में कृष्णा नदी के किनारे स्थित श्री श्री मतंग नंदागिरी स्वामी मंदिर (विजयकीलाद्री) में पारंपरिक उत्साह के साथ 'तीज' का त्योहार मनाया गया। समारोह की शुरुआत 'सेवालाल महाराज भोग भंडार' कार्यक्रम से हुई, जिसके बाद पारंपरिक 'तीज' उत्सव मनाया गया।

मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए शंकर नाइक ने कहा कि सावन के महीने में बंजारा महिलाओं द्वारा श्रद्धापूर्वक मनाया जाने वाला 'तीज' त्योहार, समुदाय की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों का प्रतीक है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह बंजारा विरासत को संरक्षित करने और पारंपरिक त्योहारों को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत सहयोग प्रदान करे।

उन्होंने आंध्र प्रदेश के सभी आदिवासी समुदायों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों की रक्षा, कल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए भाईचारे और एकजुटता के साथ काम करने की अपील भी की। शंकर नाइक ने बंजारा महिलाओं के साथ पारंपरिक नृत्य में भी हिस्सा लिया, जिससे उत्सव का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।

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