Andhra: विदेशी मेहमानों की सूचना न देने पर आवास प्रदाताओं को जुर्माने का सामना करना पड़ता है
अमरावती: राज्य भर में रहने की जगह देने वालों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहाँ ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी 24 घंटे के अंदर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। हैदराबाद फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने पर जुर्माना और आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।
इमिग्रेशन ब्यूरो के अधिकारी ने बताया कि यह नियम 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025' की धारा 8 के तहत लागू किया गया है। इसके अनुसार, विदेशी नागरिकों के आने और जाने की जानकारी ऑनलाइन 'फॉर्म-III' (जिसे पहले 'फॉर्म-C' कहा जाता था) के ज़रिए देनी होती है।
इस नियम के दायरे में न केवल कमर्शियल होटल और रहने की सुविधा देने वाले अन्य स्थापित बिज़नेस आते हैं, बल्कि वे निजी व्यक्ति और संगठन भी आते हैं जो मुफ़्त में रहने की सुविधा देते हैं। इस नोटिफ़िकेशन में खास तौर पर निजी घर के मालिक, होमस्टे चलाने वाले, Airbnb होस्ट, शिक्षण संस्थान, हॉस्टल, धार्मिक संगठन और निजी मेडिकल सुविधाएँ देने वाले शामिल हैं। FRRO ने कहा कि यह रिपोर्टिंग नियम OCI (ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया) कार्डधारकों और नेपाल व भूटान के नागरिकों को रहने की सुविधा देने पर भी लागू होता है।
हालाँकि बड़े होटल आम तौर पर मौजूदा रिपोर्टिंग नियमों का पालन कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने छोटे और गैर-कमर्शियल स्तर पर रहने की सुविधा देने वालों में जागरूकता की कमी पर चिंता जताई है। FRRO ने साफ़ किया कि रहने की सुविधा कमर्शियल हो या न हो, इससे सुविधा देने वाले को धारा 8 के नियमों से छूट नहीं मिलती।
राज्य के बढ़ते हॉस्पिटैलिटी और रहने की सुविधा वाले इकोसिस्टम के लिए यह नोटिफ़िकेशन अहम है, खासकर इसलिए क्योंकि पारंपरिक होटलों के साथ-साथ होमस्टे, शॉर्ट-टर्म रेंटल और संस्थागत आवास (institutional accommodation) भी सामने आए हैं।
नियमों का पालन न करने को 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025' की धारा 23(b) के तहत गंभीर उल्लंघन माना गया है। व्यक्तिगत और कमर्शियल स्तर पर रहने की सुविधा देने वालों को हर उल्लंघन के लिए कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
शिक्षण और मेडिकल संस्थानों के मामले में, आपराधिक कार्रवाई के अलावा कम से कम 1 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
FRRO ने विदेशी मेहमानों को ठहराने वाले सभी लोगों और संस्थानों से आग्रह किया है कि वे तय 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए 'फॉर्म-III' रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
अधिकारियों ने डिजिटल कैंपेन के ज़रिए इस नियम के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी फैलाने को भी कहा है। इसमें सरकारी वेब पोर्टल और X, Facebook व Instagram पर वेरिफाइड सोशल-मीडिया हैंडल शामिल हैं। ज़िला कलेक्ट्रेट, नगर पालिका कार्यालयों, पुलिस कमिश्नरेट और ग्राम पंचायत कार्यालयों में जानकारी प्रदर्शित करने को कहा गया है। FRRO ने राज्य भर में रहने की सुविधा देने वालों से अपील की कि वे कानूनी रूप से ज़रूरी रिपोर्टिंग नियमों का पालन करें; इसके लिए उन्होंने रेगुलेटरी ज़रूरतों और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों का हवाला दिया।