तिरुपति: ISRO के पूर्व चेयरमैन ए.एस. किरण कुमार ने कहा कि स्पेस सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और रोबोटिक्स का बढ़ता इस्तेमाल रिसर्च, इनोवेशन और प्राइवेट एंटरप्राइज में नए मौके पैदा करेगा।

गुरुवार को चित्तूर में श्रीनिवास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट स्टडीज के छात्रों को "स्पेस साइंस में AI और ML" विषय पर संबोधित करते हुए डॉ. किरण कुमार ने कहा कि स्पेस सेक्टर एक बड़े आर्थिक मौके के तौर पर उभर रहा है। यह ज़मीन, समुद्र और हवा के बाद चौथा क्षेत्र हो सकता है।

उन्होंने बताया कि AI का इस्तेमाल पहले से ही स्पेस से जुड़ी कई गतिविधियों में हो रहा है, जैसे सैटेलाइट डेटा एनालिसिस, ऑटोनॉमस नेविगेशन, रोबोटिक्स, डिजास्टर मैनेजमेंट और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस। AI वैज्ञानिकों की जगह लेने के बजाय, उन्हें बड़ी मात्रा में डेटा का एनालिसिस करने और तेज़ी से फ़ैसले लेने में मदद कर रहा है।

ISRO के पूर्व प्रमुख ने छात्रों से बुनियादी विषयों में मज़बूत आधार बनाने और रिसर्च व इनोवेशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि तेज़ी से बढ़ते स्पेस सेक्टर से न सिर्फ़ वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को, बल्कि स्टार्टअप्स और प्राइवेट कंपनियों को भी मौके मिलेंगे।

उन्होंने देश के स्पेस प्रोग्राम की नींव रखने में डॉ. विक्रम साराभाई के योगदान को याद किया। एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुँच पर पाबंदियों के बावजूद, भारत ने धीरे-धीरे अपनी क्षमताएँ विकसित कीं और SLV और ASLV प्रोग्राम से आगे बढ़कर PSLV तक का सफ़र तय किया।

डॉ. किरण कुमार ने कहा कि भारत का स्पेस प्रोग्राम हमेशा से जन-कल्याण से गहराई से जुड़ा रहा है। उन्होंने बताया, "सैटेलाइट एप्लीकेशन ने मौसम का पूर्वानुमान, चक्रवात की चेतावनी, मछली पालन, टेली-एजुकेशन और टेलीमेडिसिन जैसे क्षेत्रों में मदद की है।"

भारतीय स्पेस प्रोग्राम की कुछ बड़ी उपलब्धियों को याद करते हुए, ISRO के पूर्व प्रमुख ने चंद्रयान-1 द्वारा चंद्रमा पर पानी के अणुओं का पता लगाने, मंगल ग्रह के लिए मंगलयान मिशन की पहली ही कोशिश में सफलता, चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग और सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य L1 मिशन का ज़िक्र किया।

उन्होंने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के साथ AI, ML और रोबोटिक्स के मेल से खोज का दायरा और बढ़ेगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे ग्लोबल स्पेस सेक्टर में भारत की स्थिति को मज़बूत करने की कोशिशों में योगदान दें।

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