विजयवाड़ा: शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों (BCs) के लिए आरक्षण पर राजीव रंजन मिश्रा आयोग की रिपोर्ट को मंज़ूरी दी गई। इससे BCs के लिए लगभग 4,000 अतिरिक्त पद मिलने का रास्ता साफ़ हो गया है।

उम्मीद है कि डेडिकेटेड BC आयोग की रिपोर्ट से अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए आरक्षित सीटों को छोड़कर, विभिन्न श्रेणियों में 1.40 लाख से ज़्यादा पदों पर आरक्षण लागू होगा। शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों में जनसंख्या के आधार पर आरक्षण लागू होने से, BCs को 38,000 से ज़्यादा पद मिलने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार, पिछली YSRCP सरकार के दौरान हुए स्थानीय निकाय चुनावों में BCs को लगभग 33,000 पद मिले थे। ज़िलों, वार्डों और डिवीजनों की संख्या में बढ़ोतरी से आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में BC उम्मीदवारों के लिए और भी मौके बनने की उम्मीद है।

NDA सरकार ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार है और इसमें कुल आरक्षण को 50% की सीमा के भीतर रखा गया है।

सरकार का कहना है कि यह फ़ैसला SCs और STs के आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का पालन करते हुए BC आरक्षण की सुरक्षा को मज़बूत करेगा।

कैबिनेट के इस फ़ैसले का मकसद पिछड़े वर्गों को स्थानीय निकाय के ज़्यादा पदों पर चुनाव लड़ने के मौके देना है।

 

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