अमरावती: आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों (BC) के लिए आरक्षण पर राजीव रंजन मिश्रा आयोग की सिफारिशों को मंज़ूरी दे दी है। इसके तहत चुने जाने वाले अलग-अलग तरह के पदों के लिए कानूनी कोटा अलग-अलग दरों पर तय किया गया है।

BC आरक्षण का औसत 28.18 प्रतिशत है। जिन इलाकों में कानूनी कोटा कम है, वहां सत्ताधारी गठबंधन ने BC को पार्टी-स्तर पर 34 प्रतिशत से ज़्यादा मौके देने का वादा किया है।

शनिवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने यह फ़ैसला लिया। इसे लागू करने के लिए पंचायत राज और ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग को भेजा गया है। राज्य चुनाव आयोग तय किए गए आरक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को GO नंबर 3 के ज़रिए राजीव रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया था। आयोग ने अलग-अलग स्थानीय निकायों के लिए BC कोटा की सिफारिश करने के लिए ज़िलों और सामाजिक समूहों के जनसंख्या आंकड़ों की जांच की।

प्रस्तावित आरक्षण इस प्रकार है: ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों के लिए 26.73 प्रतिशत, सरपंचों के लिए 27.95 प्रतिशत, MPTC सदस्यों के लिए 25.55 प्रतिशत, मंडल परिषद अध्यक्षों और ZPTC सदस्यों के लिए 24.60 प्रतिशत (प्रत्येक के लिए), और ज़िला परिषद अध्यक्षों के लिए 23.08 प्रतिशत।

शहरी स्थानीय निकायों में, वार्ड सदस्यों के लिए कोटा 32.78 प्रतिशत, नगर पालिका अध्यक्षों के लिए 33.02 प्रतिशत और मेयरों के लिए 35.29 प्रतिशत है। सामाजिक कल्याण मंत्री डोला बाला वीरंजनेय स्वामी ने कहा कि SC, ST और BC कोटा की गणना हर स्थानीय इकाई की जनसंख्या के आधार पर की गई है, और BC का हिस्सा तय करने से पहले ST और SC के लिए आरक्षण पर विचार किया गया। एक प्रेस नोट में, सरकार के स्पेशल सेक्रेटरी एस. सत्यनारायण ने कहा कि संबंधित विभागों को पंचायतों और नगर पालिकाओं में SC/ST आरक्षण से जुड़े संविधान के आर्टिकल 243D और 243T का पालन करना होगा। आर्टिकल 243(f) और 243P(g) के तहत, इन आरक्षणों की गणना पिछली प्रकाशित जनगणना के आधार पर की जानी चाहिए।

चूंकि BC (पिछड़े वर्गों) के लिए जनगणना के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए सरकार ने BC आरक्षण के आधार के तौर पर मौजूदा सबूतों - जिसमें यूनिफाइड फैमिली सर्वे और स्वर्ण ग्रामम और स्वर्ण वार्डु (SGSW) के रिकॉर्ड शामिल हैं - के आधार पर आयोग के अनुमानों को स्वीकार कर लिया है।

अचन्नायडू ने कहा कि BC का हिस्सा तय करने से पहले SC और ST कोटे का ध्यान रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली YSR कांग्रेस सरकार ने 2019 में BC आरक्षण को 34 प्रतिशत से घटाकर 24 प्रतिशत कर दिया था, जिससे BC समुदाय को लगभग 17,000 राजनीतिक पदों का नुकसान हुआ। गठबंधन ने कहा कि वह BC के लिए पार्टी-स्तर पर अतिरिक्त मौके देकर कानूनी कोटे में हुई कमी की भरपाई करेगा और SEC द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने पर चुनाव के लिए तैयार है।

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