लाइफ स्टाइल : बदलता मौसम अपने साथ सिर्फ तापमान में बदलाव नहीं लाता, बल्कि इसका असर हमारी त्वचा पर भी साफ दिखाई देने लगता है। कभी तेज गर्मी, कभी उमस, बारिश और फिर अचानक ठंडी हवा के कारण स्किन रूखी, बेजान या चिपचिपी महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को इस दौरान खुजली और त्वचा में खिंचाव जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं। ऐसे में स्किन केयर रूटीन में थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है। अगर आप नहाने के लिए साबुन या बॉडी वॉश के साथ किसी घरेलू विकल्प को आजमाना चाहते हैं, तो कुछ सामान्य चीजों से हर्बल बाथ पाउडर तैयार किया जा सकता है।
हर्बल बाथ पाउडर का इस्तेमाल भारतीय घरों में लंबे समय से उबटन के रूप में किया जाता रहा है। बेसन, हल्दी और चंदन जैसी चीजों को मिलाकर त्वचा पर लगाने की परंपरा काफी पुरानी है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू मिश्रण को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।
घर पर हर्बल पाउडर बनाने के लिए सामग्री
हर्बल बाथ पाउडर बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं है। करीब एक कप बेसन, आधा कप ओट्स का बारीक पाउडर, दो से तीन चम्मच नीम की सूखी पत्तियों का पाउडर, दो चम्मच गुलाब की सूखी पंखुड़ियों का पाउडर और थोड़ी मात्रा में हल्दी ली जा सकती है। खुशबू के लिए चंदन पाउडर भी मिलाया जा सकता है, लेकिन संवेदनशील त्वचा वाले लोग सामग्री कम रखें और सुगंध वाली चीजों से बचें।
सबसे पहले सभी सामग्री पूरी तरह सूखी होनी चाहिए। ओट्स और सूखी गुलाब की पंखुड़ियों को अलग-अलग पीसकर महीन पाउडर बना लें। इसके बाद बेसन, ओट्स पाउडर, नीम पाउडर और गुलाब पाउडर को अच्छी तरह मिला लें। हल्दी बहुत कम मात्रा में डालें, क्योंकि अधिक हल्दी लगाने से त्वचा और कपड़ों पर पीला रंग रह सकता है।
तैयार मिश्रण को छलनी से छान सकते हैं, जिससे मोटे कण अलग हो जाएं। इसके बाद इसे किसी साफ और पूरी तरह सूखे एयरटाइट डिब्बे में रखें। ध्यान रखें कि डिब्बे के अंदर पानी या नमी न जाए। घर में तैयार मिश्रण में प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए एक बार में बहुत ज्यादा मात्रा बनाने के बजाय कम मात्रा तैयार करना बेहतर है।
नहाते समय कैसे करें इस्तेमाल?
हर्बल पाउडर का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जा सकता है। सबसे आसान तरीका है कि जरूरत के अनुसार दो से तीन चम्मच पाउडर कटोरी में निकालें और उसमें थोड़ा सामान्य पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। त्वचा रूखी रहती है तो पानी की जगह थोड़ा दही या दूध इस्तेमाल करने का विकल्प भी चुना जा सकता है, लेकिन डेयरी उत्पादों से संवेदनशीलता होने पर इनसे बचें।
नहाने से पहले शरीर को पानी से गीला कर लें और तैयार पेस्ट को हाथ-पैर, गर्दन और शरीर के दूसरे हिस्सों पर धीरे-धीरे लगाएं। इसे बहुत जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं है। कुछ मिनट बाद सामान्य पानी से धो लें। चेहरे पर इस्तेमाल करना हो तो विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि चेहरे की त्वचा शरीर के मुकाबले ज्यादा संवेदनशील हो सकती है।
हर दिन इसका इस्तेमाल करना भी जरूरी नहीं है। सप्ताह में एक या दो बार से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है और यह देखना चाहिए कि त्वचा इस मिश्रण पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।
बेसन क्यों किया जाता है इस्तेमाल?
घरेलू उबटन में बेसन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों में से एक है। इसका महीन टेक्सचर त्वचा की सतह पर जमा तेल और गंदगी को साफ करने में मदद कर सकता है। हालांकि बेसन को जोर-जोर से स्क्रब की तरह रगड़ना सही नहीं है, खासकर तब जब त्वचा पहले से रूखी या संवेदनशील हो।
ओट्स हो सकता है उपयोगी
ओट्स को स्किन केयर में सौम्य विकल्प माना जाता है। बारीक पिसे ओट्स का इस्तेमाल रूखी और संवेदनशील त्वचा के लिए बनाए जाने वाले कई उत्पादों में भी होता है। हर्बल पाउडर में ओट्स मिलाने से मिश्रण का टेक्सचर मुलायम रहता है। लेकिन ओट्स को अच्छी तरह बारीक पीसना जरूरी है, ताकि बड़े और खुरदरे कण त्वचा को नुकसान न पहुंचाएं।
नीम पाउडर का इस्तेमाल सावधानी से
नीम का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू नुस्खों में काफी किया जाता है। इसके बावजूद ज्यादा मात्रा में नीम पाउडर डालना जरूरी नहीं है। संवेदनशील त्वचा पर किसी भी वनस्पति सामग्री से जलन या एलर्जी हो सकती है। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोग मिश्रण की थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देख सकते हैं।
गुलाब और चंदन से तैयार होगा उबटन जैसा मिश्रण
सूखी गुलाब की पंखुड़ियों का बारीक पाउडर मिश्रण को पारंपरिक उबटन जैसा बनाने में मदद करता है। वहीं चंदन पाउडर भी वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। बाजार से चंदन पाउडर खरीदते समय उसकी शुद्धता का ध्यान रखें, क्योंकि मिलावटी या सुगंध मिलाए गए उत्पाद संवेदनशील त्वचा को परेशान कर सकते हैं।
बदलते मौसम में मॉइस्चराइजर न भूलें
सिर्फ त्वचा साफ करना पर्याप्त नहीं है। मौसम बदलने के दौरान त्वचा में रूखापन बढ़ रहा है तो नहाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना महत्वपूर्ण है। नहाने के तुरंत बाद हल्की नम त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
बहुत गर्म पानी से नहाने से भी बचना चाहिए। लंबे समय तक गर्म पानी में रहने से त्वचा के प्राकृतिक तेल कम हो सकते हैं और स्किन ज्यादा रूखी महसूस हो सकती है। सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल बेहतर विकल्प हो सकता है।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
प्राकृतिक या हर्बल लिखा होना किसी चीज के हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। नीम, हल्दी, गुलाब, चंदन या किसी दूसरी सामग्री से भी एलर्जी हो सकती है। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करें। त्वचा पर कट, घाव, संक्रमण, तेज खुजली या पहले से कोई गंभीर स्किन समस्या हो तो घरेलू मिश्रण लगाने से बचें और त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लें।
अगर पाउडर लगाने के बाद लालिमा, तेज जलन, सूजन या खुजली होने लगे तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। आंखों और उनके आसपास के हिस्से पर भी इसे लगाने से बचना चाहिए।
बदलते मौसम में त्वचा की देखभाल के लिए बहुत जटिल रूटीन की जरूरत नहीं होती। सौम्य तरीके से त्वचा की सफाई, नियमित मॉइस्चराइजिंग, पर्याप्त पानी और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन जैसे सामान्य कदम ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इनके साथ घर पर बनाया गया हर्बल बाथ पाउडर स्किन केयर रूटीन का एक वैकल्पिक हिस्सा बन सकता है, बशर्ते आपकी त्वचा इसे अच्छी तरह सहन करे।