रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाने के लिए बटर और फ्रेश क्रीम का करें सही इस्तेमाल
नई दिल्ली: दाल भारतीय रसोई का एक ऐसा अहम हिस्सा है, जो लगभग हर घर में रोजाना बनाई जाती है। प्रोटीन से भरपूर दाल सेहत के लिए जितनी फायदेमंद है, उतनी ही यह हमारे भोजन को संपूर्ण बनाती है। लेकिन अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि घर में वह स्वाद, खुशबू और गाढ़ापन नहीं आ पाता, जो होटल या ढाबे की दाल में होता है। कई बार तो घर की रोज-रोज की दाल खाकर लोग बोर भी हो जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब कुकिंग की कुछ छोटी-छोटी आदतों को बदलने का समय आ गया है। शेफ और कुकिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, थोड़ी सी सही टाइमिंग और कुछ खास सीक्रेट्स अपनाकर आप घर की साधारण दाल को भी फाइव-स्टार रेस्टोरेंट जैसा मखमली और स्वादिष्ट बना सकते हैं। आइए जानते हैं वो 5 आसान ट्रिक्स, जिन्हें अपनाकर हर कोई आपकी बनाई दाल का दीवाना हो जाएगा।
1. दाल को पकाने से पहले भिगोना है पहला जरूरी नियम
अक्सर लोग समय बचाने की होड़ में दाल को सीधे धोकर प्रेशर कुकर में चढ़ा देते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है। रेस्टोरेंट जैसा परफेक्ट गाढ़ापन और मखमली टेक्सचर पाने के लिए दाल को बनाने से कम से कम 20 से 30 मिनट पहले पानी में भिगोकर जरूर रखना चाहिए। पानी में भिगोने से दाल के दाने अच्छी तरह फूल जाते हैं, जिससे वे पकते समय अंदर तक एक बराबर और सॉफ्ट होते हैं। इसके दो फायदे और हैं— पहला तो यह कि भिगोई हुई दाल बहुत जल्दी पक जाती है, जिससे गैस की बचत होती है, और दूसरा यह कि इसे पचाना (डाइजेस्ट करना) काफी आसान हो जाता है।
2. उबालते समय ही डालें खुशबूदार मसाले
ज्यादातर घरों में दाल उबालते समय सिर्फ नमक और हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन रेस्टोरेंट वाले इसका बेस मजबूत करने के लिए उबलते समय ही कुछ खास चीजें डालते हैं। जब आप कुकर में दाल चढ़ाएं, तो नमक-हल्दी के साथ एक छोटा चम्मच देसी घी या तेल, एक तेजपत्ता, एक छोटा टुकड़ा दालचीनी और एक लौंग भी डाल दें। घी डालने से उबाल आते समय दाल का पानी कुकर से बाहर नहीं फेंकेगा, और खड़े मसालों की खुशबू दाल के दानों के भीतर तक समा जाएगी। इस समय थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ अदरक और कटी हरी मिर्च डालने से दाल का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।
3. तड़के का सही तालमेल और धीमी आंच पर भुनाई
ढाबा या होटल की दाल की असली जान उसके तड़के में छिपी होती है। परफेक्ट स्वाद के लिए तड़के में सिर्फ रिफाइंड तेल के बजाय हमेशा देसी घी या बटर (मक्खन) का ही इस्तेमाल करें। जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब आंच को धीमा करके जीरा, हींग, बारीक कटा हुआ लहसुन और प्याज डालें और उन्हें सुनहरा (गोल्डन ब्राउन) होने तक भूनें। इसके बाद टमाटर और बेसिक मसाले जैसे धनिया पाउडर और कश्मीरी लाल मिर्च डालें। मसालों को तब तक धीमी आंच पर पकाएं जब तक कि वे किनारों से घी न छोड़ने लगें। कश्मीरी लाल मिर्च का इस्तेमाल करने से दाल में तीखापन नियंत्रित रहता है और रेस्टोरेंट जैसा शानदार गहरा लाल रंग आता है।
4. कसूरी मेथी और कच्चे बटर का जादू
रेस्टोरेंट की दाल परोसते ही जो एक लाजवाब खुशबू आती है, उसका सबसे बड़ा सीक्रेट है कसूरी मेथी। जब आपकी दाल पूरी तरह से पककर तैयार हो जाए और आप गैस बंद करने वाले हों, तो ठीक एक मिनट पहले आधा छोटा चम्मच कसूरी मेथी को अपनी हथेलियों से रगड़कर (क्रश करके) दाल में मिला दें। इसके साथ ही ऊपर से एक चम्मच कच्चा मक्खन या थोड़ा सा देसी घी और डाल दें। यह छोटा सा स्टेप दाल के टेक्सचर को मखमली (क्रिमी) बना देता है और स्वाद को सीधे दोगुना कर देता है।
5. ढाबा स्टाइल स्मोकी फ्लेवर (धुंआर ट्रिक)
अगर आप घर पर खास तौर पर 'दाल तड़का' या 'दाल मखनी' बना रहे हैं, तो उसमें पारंपरिक ढाबे जैसा स्मोकी यानी कोयले वाले धुएं का फ्लेवर देने के लिए 'धुंआर' तकनीक का इस्तेमाल करें। इसके लिए एक छोटे कोयले के टुकड़े को गैस आंच पर तब तक गर्म करें जब तक कि वह बिल्कुल लाल न हो जाए। अब पकी हुई दाल के बर्तन के ठीक बीच में एक छोटी कटोरी या एल्युमिनियम फॉयल तैरते हुए रखें और उसमें यह जलता हुआ कोयला रख दें। कोयले के ऊपर आधा चम्मच घी या हींग डालें। जैसे ही धुआं उठना शुरू हो, तुरंत बर्तन का ढक्कन 5 मिनट के लिए कसकर बंद कर दें। यह धुआं पूरी दाल में समा जाएगा और आपकी साधारण दाल को सीधे फाइव-स्टार रेस्टोरेंट वाला स्वाद दे देगा।