ये तीन बड़े फंडों में सबसे कम रिटर्न दिया, किसका प्रदर्शन बेंचमार्क से भी रहा पीछे
रिटर्न का आधार कंपनी के पोर्टफोलियो से तय होता है और यह हर कंपनी का अलग-अलग हो सकता है।
एसबीआई म्यूचुअल फंड ने एग्रेसिव हाइब्रिड फंड में तीन बड़े फंडों में सबसे कम रिटर्न दिया है। यहां तक कि इसने निफ्टी 50 हाइब्रिड डेट बेंचमार्क की तुलना में भी कम फायदा निवेशकों को दिया है। जबकि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फंड की इसी स्कीम ने शीर्ष तीन फंडों में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड फंड का औसत असेट अंडर मैनेजमेंट (AAUM) मार्च, 2022 तक 49,425 करोड़ रुपये रहा जबकि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के हाइब्रिड फंड का एयूएम 18,928 करोड़ रुपये रहा है। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के हाइब्रिड फंड का एयूएम 18,430 करोड़ रुपये है। आंकड़े बताते हैं कि एक साल में एसबीआई की इस स्कीम ने केवल 3.38 फीसदी, दो साल में 20.78 और तीन साल में 11.33 फीसदी का रिटर्न दिया है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की हाइब्रिड स्कीम ने एक साल में 16.77 फीसदी, दो साल में 33.68 फीसदी और तीन साल में 17.20 फीसदी का रिटर्न दिया है। एचडीएफसी की हाइब्रिड स्कीम ने इसी साल में 4.31, 25.83 और 11.41 फीसदी का फायदा निवेशकों को दिया है। इस स्कीम के बेंचमार्क निफ्टी 50 हाइब्रिड एवं डेट फंड ने एक साल में 4.71, दो साल में 20.29 और तीन साल में 11.49 फीसदी का रिटर्न दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, 31 मई, 2022 तक म्यूचुअल फंड में इस स्कीम का कुल एयूएम 1.44 लाख करोड़ रुपये रहा। कुल 32 स्कीम हैं जिनमें 51.16 लाख फोलियो हैं। फोलियो का मतलब ग्राहकों के म्यूचुअल फंड खाते से है। इस फंड में ज्यादातर रूढिवादी निवेशक आते हैं यानी जिनको कम जोखिम पर औसत दर्जे का रिटर्न चाहिए होता है।
गौरतलब है कि एसबीआई म्यूचुअल फंड ने पिछले साल अगस्त में नए फंड ऑफर (NFO) के जरिये सबसे ज्यादा रकम 14,500 करोड़ रुपये जुटाने का रिकॉर्ड बनाया था, पर 6 महीने में इसके इस फंड ने 2.78 फीसदी का घाटा दिया है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री लगातार अच्छा ग्रोथ कर रही है और मई में इसका कुल असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 38.79 लाख करोड़ रुपये रहा है।
म्यूचुअल फंड उद्योग में एसबीआई म्यूचुअल फंड 6.47 लाख करोड़ रुपये एयूएम (मार्च-2022) के साथ सबसे बड़ा फंड हाउस है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एयूएम के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। जानकार कहते हैं कि निवेशकों को उन फंड हाउसों की ओर रूख करना चाहिए, जिनका रिटर्न बेहतर हो। हालांकि, रिटर्न का आधार कंपनी के पोर्टफोलियो से तय होता है और यह हर कंपनी का अलग-अलग हो सकता है।