Lifestyle,लाइफस्टाइल : पूरी दुनिया में हर साल 25 दिसंबर का दिन प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार खुशियां बांटने, मिल-जुलकर रहने और प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का प्रतीक है। दुनिया भर के लोग इस दिन अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं, रंग-बिरंगी रोशनी, क्रिसमस ट्री, उपहार और मिठाइयों के साथ इस दिन को खास बनाते हैं।
क्रिसमस की एक अनोखी बात यह है कि इसे विश करने का तरीका बाकी त्योहारों से अलग है। जैसे नए साल पर हम कहते हैं “हैप्पी न्यू ईयर” या होली पर “हैप्पी होली”, वहीं क्रिसमस पर लोग एक-दूसरे को कहते हैं “मैरी क्रिसमस”। इसमें प्रयुक्त ‘मैरी’ शब्द का इतिहास और अर्थ इसे खास बनाता है।
‘मैरी’ शब्द अंग्रेज़ी भाषा के पुराने रूप से आया है, जिसका मतलब सिर्फ नाम नहीं बल्कि “खुश” या “उल्लासपूर्ण” भी होता है। मध्यकालीन इंग्लैंड में लोग खुशी और प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए ‘मैरी’ शब्द का इस्तेमाल करते थे। इसलिए, प्रभु यीशु के जन्म के उत्सव पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए लोग कहते थे “मैरी क्रिसमस”, जिसका अर्थ होता है “खुशहाल क्रिसमस” या “उल्लासमय क्रिसमस”।
समय के साथ यह अभिवादन पूरी दुनिया में फैल गया और अब इसे परंपरा के रूप में अपनाया जाता है। यह सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनापन, खुशी और उत्सव बांटने का तरीका बन गया है। क्रिसमस पर लोग अपने प्रियजनों को उपहार देते हैं, क्रिसमस ट्री सजाते हैं और घर-घर रोशनी से यह दिन और भी खास बन जाता है।
क्रिसमस का इतिहास भी बहुत रोचक है। कहा जाता है कि ईसा मसीह का जन्म बेथलहम में हुआ था और इस अवसर को याद करने के लिए हर साल यह उत्सव मनाया जाता है। शुरुआती समय में इसे धार्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यह सामाजिक और पारिवारिक उत्सव का रूप भी ले लिया। आज क्रिसमस सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया भर में प्रेम, खुशी और भाईचारे का प्रतीक बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, “मैरी क्रिसमस” कहने की परंपरा लोगों को आपस में जोड़ती है और एक-दूसरे के प्रति स्नेह और मित्रता को बढ़ावा देती है। यह संदेश देता है कि त्योहारों का मकसद केवल जश्न मनाना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटना और समाज में सौहार्द बढ़ाना भी है।
इस प्रकार, जब भी आप क्रिसमस पर किसी को “मैरी क्रिसमस” कहेंगे, तो यह सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि प्रेम, खुशी और भाईचारे की भावना को दर्शाता है। यह अभिवादन हमें याद दिलाता है कि त्योहारों का असली आनंद और महत्व अपने प्रियजनों के साथ मिलकर खुशियां बांटना है।