अस्थमा के मरीज़ों के लिए सही आहार: क्या खाना चाहिए और क्या नहीं
अस्थमा के मरीज़ों के लिए सही आहार
अस्थमा सांस की एक गंभीर बीमारी है जिससे सांस की नली में सूजन आ जाती है। इससे सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और बार-बार खांसी जैसी समस्याएं होती हैं। हालांकि अस्थमा को पूरी तरह खत्म करना मेडिकली मुश्किल है, लेकिन अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं, योग करें और अच्छी डाइट फॉलो करें तो अस्थमा अटैक को कंट्रोल किया जा सकता है।
अस्थमा वाले लोगों को क्या खाना चाहिए?
– संतरे, नींबू, कीवी और आंवला जैसे फल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं और फेफड़ों को इन्फेक्शन से बचाते हैं।
– मैग्नीशियम मसल्स को आराम देने में मदद करता है। अपनी डाइट में कद्दू के बीज, पालक, काजू और डार्क चॉकलेट शामिल करें। यह ब्रोन्कियल ट्यूब को आराम देता है।
– अलसी के बीज, चिया बीज और अखरोट में ओमेगा-3 भरपूर होता है, जो अस्थमा के लक्षणों को कम करने में बहुत असरदार होते हैं।
– अदरक और लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अदरक की चाय या लहसुन की कलियां पीने से सांस की नली में रुकावट कम करने में मदद मिल सकती है।
– धूप के साथ दूध और अंडे खाएं। विटामिन D की कमी से अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
– अस्थमा के मरीजों को रोजाना क्या नहीं खाना चाहिए?
– अस्थमा वाले लोगों को जंक और प्रोसेस्ड फ़ूड से बचना चाहिए। ये फेफड़ों में जलन पैदा कर सकते हैं।
– ज़्यादा नमक शरीर में फ़्लूइड रिटेंशन को बढ़ाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
– फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स से अस्थमा अटैक आ सकते हैं।
– सूखे मेवे, वाइन, या पैकेज्ड जूस में सल्फाइट होते हैं, जो कई लोगों में अस्थमा अटैक को ट्रिगर करते हैं।
अस्थमा को कंट्रोल में रखने के आसान तरीके?
– अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम फेफड़ों की कैपेसिटी बढ़ाते हैं।
– बाहर जाते समय मास्क पहनें और धूल के कणों से बचने के लिए घर में साफ़-सफ़ाई रखें।
– दिन में एक बार सादे पानी की भाप लेने से कफ ढीला होता है।d