खेल | दुनिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने हाल ही में अपनी मानसिक मजबूती पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि यह कोई जन्मजात तोहफा नहीं होता, बल्कि इसे खुद तैयार करना पड़ता है। जोकोविच के मुताबिक, "लोग समझते हैं कि मानसिक ताकत भगवान का दिया कोई उपहार है, लेकिन ऐसा नहीं है। इसे लगातार मेहनत और सही सोच से विकसित किया जाता है।"
जोकोविच को टेनिस जगत में उनकी जबरदस्त मानसिक मजबूती के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई बार मुश्किल हालातों में वापसी कर मैच जीते हैं और खुद को दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने इस ताकत को विकसित करने के लिए कई तरह की तकनीकों और अभ्यासों को अपनाया।
खुद को मानसिक रूप से मजबूत कैसे बनाते हैं जोकोविच?
उन्होंने अपनी ट्रेनिंग और मानसिक तैयारी को लेकर कहा, "मैं ध्यान (मेडिटेशन), विजुअलाइज़ेशन और पॉजिटिव थिंकिंग जैसी चीजों पर भरोसा करता हूं। यह कोई जादू नहीं है, बल्कि एक प्रक्रिया है, जिसे रोज अपनाना पड़ता है।"
जोकोविच का कहना है कि कोई भी खिलाड़ी, चाहे वह टेनिस खेलता हो या किसी भी क्षेत्र में काम करता हो, मानसिक रूप से मजबूत बनने के लिए खुद पर मेहनत कर सकता है। "हार और असफलताएं ही सिखाती हैं कि कैसे खुद को और बेहतर बनाया जाए," उन्होंने कहा।
उनका यह बयान खासतौर पर उन खिलाड़ियों और युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेल के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी मानसिक मजबूती हासिल करना चाहते हैं।