Lifestyle लाइफस्टाइल : महाराष्ट्र की पारंपरिक मिठाइयों में अनारसा का नाम बेहद खास है। यह मिठाई अपने अनोखे स्वाद, कुरकुरेपन और देसी अंदाज के लिए जानी जाती है। खास बात यह है कि अनारसा बनाने के लिए किसी तरह की चाशनी की जरूरत नहीं पड़ती। चावल, गुड़ और कुछ आसान सामग्री से तैयार होने वाली यह मिठाई त्योहारों और खास मौकों पर घरों में बनाई जाती है। रक्षाबंधन, दिवाली और अन्य शुभ अवसरों पर महाराष्ट्र के कई परिवारों में अनारसा बनाना एक पुरानी परंपरा रही है।
अनारसा बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम होता है। इसमें गुड़ की प्राकृतिक मिठास और चावल का स्वाद इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाता है। बाजार में मिलने वाले अनारसे की तुलना में घर पर बनाया गया अनारसा ज्यादा स्वादिष्ट और शुद्ध होता है। इसे बनाने में थोड़ी मेहनत जरूर लगती है, लेकिन सही तरीके से बनाया जाए तो इसका स्वाद हर किसी को पसंद आता है।
अनारसा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
अनारसा बनाने के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाले चावल की जरूरत होती है। इसके अलावा गुड़, खसखस, घी और तेल जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।
सामग्री:
2 कप चावल
1 कप गुड़
2 से 3 चम्मच घी
3 से 4 चम्मच खसखस
तलने के लिए तेल या घी
थोड़ा सा दूध (जरूरत के अनुसार)
चावल तैयार करने का सही तरीका
अनारसा बनाने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा चावल को सही तरीके से तैयार करना होता है। इसके लिए चावल को अच्छी तरह धोकर करीब तीन दिन तक पानी में भिगोकर रखा जाता है। हर दिन चावल का पानी बदलना जरूरी होता है, ताकि चावल में किसी तरह की गंध न रहे।
तीन दिन बाद चावल को पानी से निकालकर कपड़े पर फैलाकर सुखाया जाता है। ध्यान रखें कि चावल पूरी तरह सूख न जाएं, उनमें थोड़ी नमी रहनी चाहिए। इसके बाद इन्हें पीसकर बारीक आटा तैयार किया जाता है।
गुड़ मिलाने का सीक्रेट तरीका
अनारसा का स्वाद बढ़ाने के लिए गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर चावल के आटे में मिलाया जाता है। इसके बाद मिश्रण को अच्छी तरह गूंथकर मुलायम आटा तैयार किया जाता है।
इस आटे को कम से कम 8 से 10 घंटे के लिए ढककर रखा जाता है। इससे गुड़ धीरे-धीरे घुल जाता है और आटे में मिठास अच्छी तरह मिल जाती है। यही तरीका अनारसे को खास स्वाद देता है।
अगर आटा ज्यादा सूखा लगे तो इसमें थोड़ा दूध या पानी की कुछ बूंदें डालकर नरम किया जा सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि आटा ज्यादा गीला नहीं होना चाहिए।
अनारसा बनाने की विधि
अब तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक प्लेट में खसखस फैला लें और लोई को हल्का दबाकर खसखस में लपेट लें। इसके बाद इसे हाथ से गोल आकार दें।
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। ध्यान रखें कि तेल बहुत ज्यादा गर्म न हो, वरना अनारसा बाहर से जल जाएगा और अंदर से कच्चा रह सकता है। मध्यम आंच पर अनारसे को धीरे-धीरे तलें।
जब अनारसा सुनहरा और कुरकुरा हो जाए तो उसे निकालकर पेपर या छलनी पर रख दें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स
अनारसा बनाते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखने से इसका स्वाद और बेहतर हो जाता है। चावल जितने अच्छे होंगे, मिठाई उतनी ही स्वादिष्ट बनेगी। पुराने चावल से अनारसा ज्यादा अच्छा बनता है क्योंकि उसमें नमी कम होती है।
गुड़ की मात्रा स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा की जा सकती है। अगर आप ज्यादा खुशबू चाहते हैं तो आटे में थोड़ी इलायची पाउडर भी मिला सकते हैं।
अनारसा तलते समय हमेशा धीमी या मध्यम आंच का इस्तेमाल करें। तेज आंच पर तलने से इसका रंग तो अच्छा आ सकता है, लेकिन अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पकता।
बिना चाशनी वाली मिठाई क्यों है खास?
आजकल ज्यादातर मिठाइयों में चीनी की चाशनी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अनारसा प्राकृतिक मिठास वाली पारंपरिक मिठाई है। इसमें गुड़ का उपयोग होता है, जो स्वाद के साथ-साथ कई पोषक तत्व भी प्रदान करता है।
महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में यह मिठाई पीढ़ियों से बनाई जा रही है। खास मौकों पर घर की महिलाएं मिलकर इसे तैयार करती हैं और परिवार के साथ इसका आनंद लेती हैं।
अगर आप इस बार किसी त्योहार पर बाजार की मिठाई की जगह कुछ अलग और पारंपरिक बनाना चाहते हैं तो महाराष्ट्र की अनारसा मिठाई एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। थोड़ी तैयारी और सही तरीके से आप घर पर स्वादिष्ट, कुरकुरी और बिना चाशनी वाली अनारसा मिठाई आसानी से बना सकते हैं।