लाइफ स्टाइल। राजस्थान का नाम सुनते ही दाल बाटी चूरमा, गट्टे की सब्जी और केर-सांगरी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का ख्याल आने लगता है। लेकिन राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र की एक ऐसी मिठाई भी है, जिसका स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है। हम बात कर रहे हैं जोधपुर की मशहूर मावा कचौड़ी की। सामान्य कचौड़ी में जहां दाल, आलू या मसालों की भरावन होती है, वहीं मावा कचौड़ी मिठास से भरपूर होती है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम मावे की भरावन वाली यह मिठाई त्योहारों और खास अवसरों पर खूब पसंद की जाती है।
दीपावली के अवसर पर घरों में कई तरह की मिठाइयां बनाई जाती हैं। ऐसे में मावा कचौड़ी एक अलग और खास विकल्प हो सकती है। इसे घर पर तैयार करके मेहमानों को परोसा जा सकता है। हालांकि, इसे बनाने में थोड़ी सावधानी जरूरी है, ताकि कचौड़ी अच्छी तरह फूले, बाहर से सुनहरी और कुरकुरी बने तथा अंदर की भरावन स्वादिष्ट रहे।
क्या है जोधपुर की मावा कचौड़ी की खासियत?
राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में जोधपुर अपनी पारंपरिक मिठाइयों के लिए भी जाना जाता है। मावा कचौड़ी इसी क्षेत्र की लोकप्रिय मिठाइयों में शामिल है। इसकी खासियत है कि इसमें मैदे की बाहरी परत के भीतर मावा यानी खोया और चीनी से तैयार मीठी भरावन डाली जाती है। तलने के बाद इसे चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी खास हो जाता है।
इस मिठाई को कई लोग गर्मागर्म खाना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामान्य तापमान पर परोसते हैं। ऊपर से कटे हुए बादाम-पिस्ता डालने पर इसका स्वाद और लुक दोनों बेहतर हो जाते हैं। त्योहारों पर पारंपरिक मिठाइयों से अलग कुछ बनाना हो, तो मावा कचौड़ी अच्छा विकल्प है।
मावा कचौड़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
मावा कचौड़ी बनाने के लिए मुख्य रूप से तीन चीजें तैयार करनी होती हैं—बाहरी परत के लिए आटा, अंदर भरने के लिए मावे की सामग्री और कचौड़ी को मीठा बनाने के लिए चाशनी।
बाहरी परत के लिए:
2 कप मैदा
3-4 बड़े चम्मच घी या तेल
जरूरत के अनुसार पानी
तलने के लिए घी या तेल
मावे की भरावन के लिए:
250 ग्राम मावा
आधा कप पिसी हुई चीनी या स्वादानुसार
आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर
2 बड़े चम्मच कटे हुए बादाम और पिस्ता
चाशनी के लिए:
1 कप चीनी
आधा कप पानी
थोड़ा इलायची पाउडर
वैकल्पिक रूप से केसर के कुछ रेशे
सबसे पहले तैयार करें मावे की भरावन
मावा कचौड़ी बनाने के लिए सबसे पहले भरावन तैयार करें। इसके लिए एक कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें। इसे लगातार चलाते रहें, ताकि मावा कड़ाही के तले में न लगे। जब मावे की नमी कुछ कम हो जाए और उसका रंग हल्का बदलने लगे, तो गैस बंद कर दें।
मावे को पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद उसमें पिसी हुई चीनी, इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे मिलाएं। ध्यान रखें कि मावा गर्म रहते हुए चीनी नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि इससे मिश्रण अधिक गीला हो सकता है। भरावन का मिश्रण ऐसा होना चाहिए, जिससे छोटी-छोटी गोलियां आसानी से बनाई जा सकें।
मैदे से तैयार करें कचौड़ी की बाहरी परत
अब एक बड़े बर्तन में मैदा लें। इसमें घी या तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम लेकिन इतना मजबूत आटा गूंथ लें कि उससे कचौड़ियां आसानी से बनाई जा सकें। आटे को ढककर लगभग 15-20 मिनट के लिए रख दें।
इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। प्रत्येक लोई को हल्का बेलें और उसके बीच में मावे की भरावन रखें। अब किनारों को सावधानी से बंद कर दें, ताकि अंदर की भरावन बाहर न निकले। कचौड़ी को हल्के हाथों से गोल आकार दें। ध्यान रखें कि उसकी सतह पर दरारें न रहें।
धीमी आंच पर तलने से बनेगी कुरकुरी
एक गहरी कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। मावा कचौड़ी को धीमी से मध्यम आंच पर तलना बेहतर रहता है। बहुत तेज आंच पर तलने से बाहरी परत जल्दी भूरी हो सकती है, जबकि अंदर की परत ठीक से नहीं पकती।
कचौड़ियों को गर्म तेल में धीरे-धीरे डालें और हल्के हाथों से पलटते रहें। जब उनका रंग सुनहरा भूरा हो जाए, तो उन्हें निकालकर कुछ देर अतिरिक्त तेल निकलने दें। तलते समय एक साथ बहुत ज्यादा कचौड़ियां डालने से बचें, ताकि वे आसानी से पक सकें।
चाशनी में डुबोकर दें मीठा स्वाद
अब एक पैन में चीनी और पानी डालकर गर्म करें। चीनी घुलने के बाद इसे कुछ मिनट पकाएं। चाहें तो इसमें इलायची पाउडर और केसर डाल सकते हैं। चाशनी को बहुत ज्यादा गाढ़ा न करें।
तली हुई कचौड़ियों को हल्की गर्म चाशनी में डालें और लगभग 5-10 मिनट तक रहने दें, ताकि उनमें मिठास अच्छी तरह समा जाए। इसके बाद कचौड़ियों को निकालकर ऊपर से कटे हुए बादाम और पिस्ता से सजाएं।
त्योहार पर मेहमानों को परोसें खास मिठाई
मावा कचौड़ी को दीपावली, पारिवारिक समारोह और दूसरे खास अवसरों पर मिठाई के रूप में परोसा जा सकता है। इसकी बाहरी कुरकुरी परत और अंदर की मीठी भरावन इसे दूसरी कचौड़ियों से अलग बनाती है।
घर पर इसे बनाते समय ताजा मावा इस्तेमाल करें और तैयार मिठाई को साफ, ढके हुए बर्तन में रखें। मावे से बनी मिठाइयां जल्दी खराब हो सकती हैं, इसलिए इन्हें बहुत देर तक गर्म जगह पर रखने से बचें। मौसम और भंडारण की स्थिति के अनुसार इन्हें फ्रिज में रखना बेहतर है।
इस दीपावली बाजार की आम मिठाइयों से कुछ अलग बनाने का मन हो, तो जोधपुर की मशहूर मावा कचौड़ी आजमा सकते हैं। थोड़ी मेहनत और सही तरीके से तैयार की गई यह पारंपरिक मिठाई त्योहार की मिठास को और बढ़ा सकती है।