लाइफ स्टाइल : सुबह के नाश्ते में बच्चों को कुछ ऐसा खिलाना हर माता-पिता की चाहत होती है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद हो। लेकिन बच्चों को लौकी, गाजर और दाल जैसी पौष्टिक चीजें खिलाना कई बार आसान नहीं होता। अक्सर बच्चे इन सब्जियों को खाने से मना कर देते हैं, जिससे माता-पिता को उनकी डाइट को लेकर चिंता रहती है। ऐसे में अगर पौष्टिक चीजों को स्वादिष्ट तरीके से परोसा जाए, तो बच्चों को इन्हें खिलाना काफी आसान हो सकता है।
कंटेंट क्रिएटर पूर्णा मेहरा की स्पेशल पराठा रेसिपी इसी परेशानी का एक अच्छा समाधान बन सकती है। इस रेसिपी में घर में आसानी से मिलने वाली सामग्री का इस्तेमाल करके ऐसा नाश्ता तैयार किया जा सकता है, जो स्वाद और पोषण दोनों के लिहाज से बेहतर विकल्प है। खास बात यह है कि पराठे बच्चों के टिफिन से लेकर बड़ों के सुबह के नाश्ते तक, सभी के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।
लौकी, गाजर और दाल से बढ़ेगा नाश्ते का पोषण
लौकी, गाजर और दाल भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली ऐसी सामग्री हैं, जिन्हें रोजमर्रा के भोजन में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। लौकी में पानी की अच्छी मात्रा होती है और यह हल्की सब्जी है। गाजर बीटा-कैरोटीन का स्रोत है, जिसे शरीर विटामिन ए में बदलता है। वहीं, दाल से प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
इन सामग्रियों को पराठे में शामिल करने से नाश्ते में विविधता आती है। बच्चों को अलग-अलग सब्जियां खिलाने के बजाय उन्हें आटे के साथ मिलाकर पराठा बनाया जा सकता है। इससे सब्जियों का स्वाद भी संतुलित रहता है और बच्चे इसे आसानी से खा सकते हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी एक रेसिपी से सभी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। बच्चों की उम्र और जरूरत के अनुसार संतुलित आहार देना भी जरूरी है।
घर पर कैसे तैयार करें पौष्टिक पराठे?
इस तरह के पराठे बनाने के लिए गेहूं का आटा, कद्दूकस की हुई लौकी, गाजर, पकी हुई दाल, थोड़ा नमक, अजवाइन और स्वादानुसार मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है। पराठों को सेंकने के लिए थोड़ा घी या तेल भी रखा जा सकता है।
सबसे पहले लौकी और गाजर को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसके बाद लौकी को कद्दूकस करके उसका अतिरिक्त पानी हल्के हाथों से निचोड़ लें। गाजर को भी कद्दूकस कर लें। अब एक बर्तन में गेहूं का आटा लें और उसमें दोनों सब्जियां मिला दें।
इसके बाद पकी हुई दाल डालें। दाल बहुत ज्यादा पतली नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे आटा गीला हो सकता है। मिश्रण में थोड़ा नमक, अजवाइन और जरूरत के अनुसार हल्दी या अन्य हल्के मसाले डाल सकते हैं। सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर नरम आटा गूंथ लें। अगर मिश्रण पहले से नम है, तो पानी बहुत कम मात्रा में डालें या जरूरत पड़ने पर बिल्कुल न डालें।
आटे को कुछ मिनट के लिए ढककर रख दें। फिर उसकी छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पराठे बेल लें। गर्म तवे पर पराठा डालें और दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंकें। जरूरत के अनुसार थोड़ा घी या तेल लगाएं। पराठे जब सुनहरे और अच्छी तरह पक जाएं, तो उन्हें तवे से उतार लें।
ध्यान दें: यह एक सामान्य पौष्टिक पराठा रेसिपी है। पूर्णा मेहरा की मूल रेसिपी में इस्तेमाल की गई सटीक सामग्री और मात्रा की पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती है।
बच्चों को पसंद आएगा स्वाद और बनावट का मेल
बच्चों के लिए खाना बनाते समय केवल पोषण ही नहीं, बल्कि उसका स्वाद, रंग और बनावट भी मायने रखते हैं। गाजर पराठे को हल्का मीठापन और आकर्षक रंग देती है, जबकि लौकी उसकी बनावट को नरम बनाने में मदद कर सकती है। दाल मिलाने से पराठे का पोषण बढ़ता है और पेट भरने वाला नाश्ता तैयार होता है।
अगर बच्चा सब्जियां खाने में आनाकानी करता है, तो पराठे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर परोसा जा सकता है। इसके साथ सादा दही, घर पर बना रायता या हल्की चटनी दी जा सकती है। बच्चों को अपनी पसंद के अनुसार पराठे के साथ कोई एक चीज चुनने का विकल्प देने से भी वे खाने में अधिक रुचि ले सकते हैं।
हालांकि, बच्चों को सब्जियां खिलाने के लिए उन्हें पूरी तरह छिपाने के बजाय धीरे-धीरे उनके स्वाद और बनावट से परिचित कराना भी अच्छा तरीका है।
नाश्ते से लेकर टिफिन तक के लिए बेहतर विकल्प
पौष्टिक पराठे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें केवल सुबह के नाश्ते तक सीमित नहीं रखना पड़ता। इन्हें बच्चों के स्कूल टिफिन, परिवार के हल्के लंच या यात्रा के दौरान भी ले जाया जा सकता है। घर में मौजूद बची हुई पकी दाल और मौसमी सब्जियों का सही इस्तेमाल करने से भोजन की बर्बादी भी कम की जा सकती है।
पराठों को ज्यादा तेल में तलने के बजाय तवे पर सीमित घी या तेल के साथ सेंकना बेहतर रहेगा। साथ ही, बच्चों के टिफिन में इन्हें रखने से पहले थोड़ा ठंडा कर लें और खाद्य सुरक्षा के लिए साफ, उपयुक्त टिफिन का इस्तेमाल करें।
स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ध्यान
आज की व्यस्त दिनचर्या में माता-पिता ऐसे व्यंजनों की तलाश करते हैं, जिन्हें कम समय में बनाया जा सके और जिनमें पोषण से समझौता भी न करना पड़े। लौकी, गाजर और दाल से तैयार पराठे इस दिशा में एक उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। इनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री आसानी से उपलब्ध होती है और परिवार के स्वाद के अनुसार मसालों में बदलाव भी किया जा सकता है।
पूर्णा मेहरा की बताई गई इस तरह की रेसिपी से प्रेरणा लेकर घर में मौजूद साधारण सामग्रियों को कुछ अलग अंदाज में परोसा जा सकता है। अगर बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाने में परेशानी होती है, तो अगली सुबह नाश्ते में इन पराठों को आजमाया जा सकता है। स्वाद, विविधता और संतुलित पोषण का मेल इन्हें रोजमर्रा के भोजन में शामिल करने लायक विकल्प बना सकता है।
Tags: