45 के बाद इन आदतों से नाता जोड़ लें फ़ायदे में रहेंगे
, जो लोग 45 की उम्र में पहुंचते ही कुछ स्वस्थ आदतों को अपना लेते हैं
लाइफस्टाइल | महिला हो या पुरुष, घर की ज़िम्मेदारियां निभाते-निभाते वो अपना ध्यान रखना अक्सर ही भूल जाते हैं. अगर आप ज़िम्मेदारियों के साथ 45 की उम्र तक पहुंच गए हैं तो अपने आप पर ध्यान देना शुरू कर दें. ऐसा ना हो कि परिवार की ज़रूरतों को पूरा करते-करते आप अपने शरीर की ज़रूरतों को अनदेखा कर दें और उम्र से पहले बीमारियां आपको घेर लें. साथ ही आप उम्रदराज़ नज़र आने लगें.
हॉर्वर्ड मेडिकल स्कूल और हॉर्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया है कि, जो लोग 45 की उम्र में पहुंचते ही कुछ स्वस्थ आदतों को अपना लेते हैं, उन्हें बीमारियां कम जकड़ती हैं. हॉर्वर्ड के विशेषज्ञों ने पांच ऐसी गेम चेंजर आदतों के बारे में बताया है, जिन्हें अपनाकर आप लाइफ़ एक्स्पेक्टेंसी यानी की जीवन प्रत्याशा में सुधार ला सकते हैं. ये आदतें आपको फ़िट और हेल्दी रखेंगी.
कौन-सी हैं वो आदतें नीचे की तरफ़ स्क्रोल करके देखें!रोज़ाना एक्सरसाइज़ करेंएक्सरसाइज़ एक्स्ट्रा वेट कम करने और इसकी वजह से होनेवाली बीमारियों के रोकथाम में मददगार होती है. वैसे तो हर उम्र के एक्सरसाइज़ ज़रूरी होती है, लेकिन 45 के बाद फ़िज़िकली ऐक्टिव रहना बहुत ज़रूरी होता है. इससे आप शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से फ़िट रहते हैं. आप योग, वॉकिंग, साइक्लिंग को भी अपनी लाइफ़ में का हिस्सा बना सकते हैं.
वज़न को क़ाबू में रखेंअगर आपका वज़न बहुत ज़्यादा है तो एक उम्र के बाद आपको कई तरह की बीमारियों जकड़ लेंगी. हृदय रोग, हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटीज़, पित्त, पथरी, सांस लेने में परेशानी और कैंसर आदि का ख़तरा बढ़ जाता है. इसलिए हर किसी को इस उम्र में अपने वज़न पर क़ाबू रखने का पूरा प्रयास करना चाहिए.
खानपान का ख़्याल रखेंहम जो कुछ भी खाते हैं उसका सीधा असर सेहत और सौंदर्य दोनों पर पड़ता है. यानी वह आपके चेहरे पर दिखाई देता है, जिससे आप उम्रदराज़ नज़र आने लगते हैं. शरीर में पोषक तत्वों की कमी उम्र बढ़ने पर बीमारियों के रूप में हमारे सामने आती है. सेंट्रल फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार यूएस में चार में से एक मौत हृदय रोग की वजह से होती है. मोटापा, हाई कोलेस्टेरॉल, हाई ब्लड प्रेशर और ख़राब आहार कम उम्र में होनेवाली मौतों के मुख्य कारण हैं. इसलिए अपने खानपान का बहुत ख़्याल रखें. अगर कोई बीमारी है तो डॉक्टर द्वारा सुझाई गई डायट फ़ॉलो करें. शक्कर, अधिक नमक, तले और मसालेदार खाने से परहेज करें. घर का बना भोजन ही खाएं.