खराब आदतें जो हार्ट को पहुंचाती हैं नुकसान
लगातार बैठे रहना
एवरीडेहेल्थ डॉट कॉममें छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों की सिटिंग जॉब होती है, जिसमें देर तक बैठकर काम करना पड़ता है. ज्यादा देर तक लगातार बैठे रहने की आदत या मजबूरी आपके दिल को अंदर ही अंदर बीमार बना देती है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिनकी लाइफस्टाइल एक्टिव होती है, उन लोगों की तुलना में पर्याप्त रूप से नहीं चलने वाले और प्रत्येक दिन पांच घंटे या उससे अधिक समय तक बैठे रहने वालों में हृदय गति रुकने का जोखिम दोगुना होता है. अगर आपका डेस्क जॉब है, तो भी बीच-बीच में हर घंटे पांच मिनट की सैर करें. आपकी दिनचर्या में यह छोटा सा बदलाव धमनियों को लचीला और रक्त को ठीक से प्रवाहित करने में मदद कर सकता है. इससे आप लगातार बैठे रहने के कारण हार्ट पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों से बचे रह सकते हैं.
अधिक शराब का सेवन करना
यदि आप बहुत ज्यादा एल्कोहल का सेवन करते हैं, तो इससे हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, मोटापे की समस्या हो सकती है और ये सभी समस्याएं हार्ट डिजीज होने के खतरे को बढ़ा सकती हैं. एक स्टडी के अनुसार, यदि पुरुष एक दिन में दो ड्रिंक से अधिक और महिलाएं एक ड्रिंक से अधिक लेती हैं, तो इससे नॉर्मल हार्ट रिदम बाधित हो सकता है, जिससे हार्ट फेल होने का रिस्क बढ़ जाता है. बेहतर है कि ओकेजनली ड्रिंक लें या फिर एक गिलास वाइन का सेवन करें.
स्ट्रेस में रहना दिल के लिए अच्छी आदत नहीं
तनाव में रहने के कारण शरीर एड्रेनलाइन छोड़ने के लिए प्रेरित करता है, जो अस्थायी रूप से शरीर के कार्यों को प्रभावित करता है. इससे हृदय गति, रक्तचाप बढ़ सकता है. समय के साथ, बहुत अधिक तनाव दिल में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक होने के जोखिम को बढ़ा सकता है. स्ट्रेस से छुटकारा पाने के लिए प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों में खुद को शामिल करें. इससे मानसिक तनाव दूर होगा. प्रत्येक दिन लगभग 30 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज करें.
फ्लॉसिंग नहीं करना
आप दांतों, मसूड़ों को बैक्टीरिया से बचाए रखने के लिए भोजन करने के बाद फ्लॉसिंग करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि फ्लॉसिंग सिर्फ दांतों को ही स्वस्थ नहीं रखती, बल्कि ये हार्ट के लिए भी ज़रूरी है. एक शोध में यह बात सामने आई है कि कोरोनरी हार्ट डिजीज से ग्रस्त लोगों ने जब फ्लॉस किया, तो उन्होंने हार्ट से संबंधित समस्याओं का अनुभव कम किया. जो बैक्टीरिया मसूड़ों से संबंधित बीमारियों से जुड़े होते हैं, वे शरीर में इंफ्लेमेशन को बढ़ावा देते हैं और इंफ्लेमेशन हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ाती है. यदि आप हार्ट डिजीज से बचना चाहते हैं, तो फ्लॉसिंग प्रतिदिन करें.
प्रतिदिन कम नींद लेना
शरीर के साथ-साथ दिल भी सारा दिन कड़ी मेहनत करता है. यदि आप पर्याप्त नहीं सोएंगे, तो कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को आराम नहीं मिल पाएगा, जितना की उसे करना चाहिए. सोने के पहले फेज (नॉन-आरईएम फेज) के दौरान हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर काफी कम हो जाता है. फिर सेकेंड फेज (आरईएम स्लीप) के दौरान आपके सपनों के प्रति रिस्पॉन्स के दौरान बढ़ता और घटता है. पूरी रात इस तरह के बदलाव या परिवर्तन हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं. क्रोनिक रूप से नींद में कमी भी हाई रेस्टिंग कॉर्टिसोल और एड्रेनलाइन के स्तर को बढ़ावा दे सकती है, जैसा कि आप तनावपूर्ण स्थिति में अनुभव करते हैं. ऐसे में वयस्क को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए, वहीं किशोरों, युवा वयस्कों को 9-10 घंटे की नींद लेनी चाहिए.
सोडियम का सेवन अधिक करना
हद से ज्यादा सोडियम के इनटेक से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है, जो हार्ट डिजीज का रिस्क फैक्टर होता है. ऐसे में ऊपर से नमक भोजन में डालने से बचें. प्रॉसेस्ड फूड जैसे सूप, केन्ड वेजिटेबल्स, चिप्स, फ्रोजन फूड्स, अन्य सॉल्टी स्नैक्स के सेवन से बचें. उन्हीं प्रोडक्ट्स को खरीदें, जिनमें सोडियम की मात्रा कम हो.