जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Kappa Variant: देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर से लोग अभी तक उबर नहीं पाए हैं कि डेल्टा प्लस के बाद अब वायरस के एक और वेरिएंट ने दस्तक दे दी है। इसको कप्पा वेरिएंट कहा जा कहा है। कोरोना वायरस के इस नए और घातक वेरिएंट ने एक बार फिर लोगों के दिलों में डर बना दिया है। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट के मामले भी मिले हैं। एक्सपर्ट्स को पहले से ही कोविड-19 की तीसरी लहर सता रही थी कि अब इस नए वेरिएंट ने चिंता और बढ़ा दी है।

कप्पा वेरिएंट है क्या?
कप्पा वेरिएंट SARS-CoV-2 के डबल म्यूटेंट वेरिएशन यानी दो बदलावों से बना है। इसका वैज्ञानिक नाम B.1.617.1 है। कप्पा वेरिएंट कोरोना का नया वेरिएंट नहीं है। WHO के मुताबिक कप्पा वेरिएंट भारत में ही पहली बार अक्टूबर 2020 में देखा गया था। हालांकि, WHO ने इसे 4 अप्रैल 2021 को वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया। कप्पा के अलावा डेल्टा वेरिएंट का पहला मामले भी भारत में ही मिला था।
कोरोना का कप्पा वेरिएंट कितना ख़तरनाक?
डेल्टा वेरिएंट की तरह WHO ने कप्पा वेरिएंट को 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' नहीं, बल्कि 'वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया है। WHO की परिभाषा के मुताबिक वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट, का मतलब होता है एक ऐसा वेरिएंट है जिसके जेनेटिक बदलाव के बारे में पहले से पता होता है। मतलब यह कि इसके ज़रिए वायरस के फैलने, बीमारी की गंभीरता, इम्यून सिस्टम को गच्चा देने की क्षमता जैसी जानकारी होती है।
क्योंकि भारत में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट का कहर सभी देख चुके हैं, इसलिए कप्पा के कितना ख़तरनाक यह सभी जानना चाहते हैं। इस पर एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि कप्पा वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले कम जानलेवा है, लेकिन साथ ही लोगों से गुज़ारिश कर रहे हैं कि सभी लोग कोरोना के नियमों का सख्ती से ज़रूर पालन करें।
कप्पा वेरिएंट से कैसे बचा जाए?
-कोविड-19 के बाकी सभी वेरिएंट्स की तरह कप्पा वेरिएंट से बचने से लिए भी आपको ज़रूरी सावधानियां बरतनी ज़रूरी हैं। जैसे मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना, हाथों की सफाई का सख्ती से पालन करना महत्वपूर्ण है।
-सिर्फ ज़रूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकलें।
-भीड़भाड़ वाले इलाकों में जानें से बचें।
-मौका मिलते ही कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवा लें।


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