नई दिल्ली। हिचकी आना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है और ज्यादातर मामलों में यह कुछ मिनटों में अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन कई बार अचानक शुरू हुई हिचकी लगातार आती रहती है और व्यक्ति परेशान हो जाता है। अगर पिछले 10-15 मिनट से लगातार हिचकी आ रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान उपायों से इसे रोकने या इसकी तीव्रता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अगर हिचकी लंबे समय तक बनी रहती है या खाने, सोने अथवा सांस लेने में परेशानी पैदा करती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आखिर हिचकी आती क्यों है?
हिचकी तब आती है जब डायफ्राम यानी सांस लेने में मदद करने वाली मांसपेशी अचानक और अनैच्छिक रूप से सिकुड़ती है। इसके तुरंत बाद वोकल कॉर्ड कुछ समय के लिए बंद होते हैं, जिससे ‘हिक’ जैसी आवाज निकलती है। सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया कुछ समय बाद खुद ही शांत हो जाती है।
हिचकी आने के कई सामान्य कारण हो सकते हैं। बहुत ज्यादा खाना, बहुत तेजी से खाना, गैस वाले या कार्बोनेटेड पेय पीना, अचानक तापमान में बदलाव, तनाव, उत्साह या बहुत ज्यादा हवा निगलना इसके सामान्य ट्रिगर माने जाते हैं। च्युइंग गम चबाने और धूम्रपान के दौरान भी ज्यादा हवा निगलने से हिचकी शुरू हो सकती है।
15 मिनट से हिचकी नहीं रुक रही तो ये उपाय आजमा सकते हैं
अगर हिचकी कुछ मिनटों से लगातार आ रही है, तो सबसे पहले शांत होकर बैठें और धीरे-धीरे सांस लें। बहुत तेजी से पानी पीने या खाना खाने की कोशिश न करें।
**ठंडा पानी पिएं:** थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ठंडा पानी पीना कुछ लोगों में हिचकी की प्रक्रिया को बाधित करने में मदद कर सकता है। पानी धीरे-धीरे निगलें और एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं।
**कुछ देर सांस रोकें:** थोड़े समय के लिए सांस रोकना भी हिचकी को रोकने में मदद कर सकता है। इसे अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। अगर सांस लेने में परेशानी हो तो ऐसा न करें।
**घुटनों को छाती की ओर लाएं:** बैठकर या आराम की स्थिति में घुटनों को छाती की तरफ लाकर कुछ समय आगे की ओर झुकना भी कुछ लोगों को राहत दे सकता है।
**गरारे कर सकते हैं:** ठंडे पानी से गरारे करना भी हिचकी रोकने के लिए आजमाया जाने वाला उपाय है। हालांकि, इन घरेलू उपायों के असर की गारंटी नहीं होती और हर व्यक्ति में इनका परिणाम अलग हो सकता है।
किन चीजों से फिलहाल दूरी बनाएं?
हिचकी के दौरान कार्बोनेटेड ड्रिंक, बहुत गर्म पेय, शराब और बहुत ज्यादा खाना लेने से बचना बेहतर है। बहुत तेजी से खाना खाने और मसालेदार भोजन से भी कुछ लोगों में हिचकी बढ़ सकती है। च्युइंग गम चबाने या धूम्रपान करने से हवा निगलने की संभावना बढ़ती है, इसलिए इनसे भी बचना चाहिए।
अगर हिचकी खाना खाने के बाद बार-बार आती है, तो बड़े भोजन की जगह छोटे-छोटे भोजन लेना मददगार हो सकता है। गैस और एसिडिटी को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की पहचान करके उनसे बचना भी उपयोगी हो सकता है।
कब हिचकी को गंभीरता से लेना चाहिए?
सिर्फ 15 मिनट तक हिचकी आने का मतलब आमतौर पर किसी गंभीर बीमारी से नहीं होता। ज्यादातर सामान्य हिचकी अपने आप खत्म हो जाती है। लेकिन अगर हिचकी **48 घंटे से ज्यादा समय तक बनी रहती है**, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इसी तरह अगर हिचकी इतनी ज्यादा हो कि व्यक्ति ठीक से खाना, सोना या सांस लेना शुरू न कर पाए, तब भी चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
लंबे समय तक चलने वाली हिचकी कभी-कभी शरीर में किसी दूसरी समस्या का संकेत हो सकती है। इसके पीछे नसों में जलन या परेशानी, एसिड रिफ्लक्स, कुछ मेटाबॉलिक समस्याएं, किडनी की बीमारी, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्या या कुछ दवाओं का प्रभाव हो सकता है। हालांकि, ऐसी वजहें सामान्य और कुछ मिनटों की हिचकी में आम नहीं होतीं।
दवा खुद से न लें
अगर हिचकी लंबे समय तक बनी रहती है तो डॉक्टर कारण का पता लगाने के बाद इलाज तय कर सकते हैं। लंबे समय तक चलने वाली हिचकी में कुछ मामलों में डॉक्टर विशेष दवाएं भी लिख सकते हैं, लेकिन इन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के लेना सही नहीं है।
इसलिए अगर आपको अभी करीब 15 मिनट से हिचकी आ रही है, तो पहले शांत रहें, धीरे-धीरे ठंडा पानी पिएं, कुछ देर सांस रोकने जैसे सुरक्षित उपाय आजमा सकते हैं और फिलहाल भारी भोजन व गैस वाले पेय से बचें। अगर हिचकी लगातार बनी रहती है, बार-बार लौटती है या सांस, नींद और खाने पर असर डालने लगे तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।