लाइफ स्टाइल : जन्माष्टमी जैसे पावन त्योहार पर भगवान श्रीकृष्ण को माखन का भोग लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है। कान्हा को माखन बेहद प्रिय माना जाता है, इसलिए भक्त इस दिन खास तौर पर घर में शुद्ध माखन तैयार करते हैं। बाजार में मिलने वाले माखन और मक्खन में मिलावट की चिंता लोगों को अक्सर रहती है। ऐसे में आप घर पर ही ताजे दही से आसानी से शुद्ध और स्वादिष्ट माखन तैयार कर सकते हैं।
घर का बना माखन न सिर्फ स्वाद में बेहतर होता है बल्कि इसमें किसी तरह की मिलावट या अतिरिक्त रसायन का डर भी नहीं रहता। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा मेहनत या समय की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर आप कुछ ही मिनटों में ताजा सफेद माखन तैयार कर सकते हैं।
दही से माखन बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घर में माखन बनाने के लिए आपको ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए केवल गाढ़ा दही, थोड़ा ठंडा पानी और थोड़ा धैर्य चाहिए। अगर आपके पास घर का जमा हुआ मलाईदार दही है तो माखन और भी स्वादिष्ट बनेगा।
सामग्री:
* 1 कटोरी गाढ़ा दही
* ठंडा पानी जरूरत के अनुसार
* थोड़ा सा बर्फ का पानी (वैकल्पिक)
माखन बनाने का आसान तरीका
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गाढ़ा दही लें। दही को अच्छी तरह से फेंट लें ताकि वह थोड़ा पतला और चिकना हो जाए। अब इसमें थोड़ा ठंडा पानी मिलाएं और लगातार मथना शुरू करें।
पहले दही से मक्खन के छोटे-छोटे कण अलग होने लगेंगे। जब दही से सफेद रंग के माखन के गोले बनने लगें तो उन्हें धीरे-धीरे एक तरफ इकट्ठा कर लें। इसके बाद माखन को ठंडे पानी से धो लें ताकि उसमें बचा हुआ छाछ अलग हो जाए।
कुछ ही देर में आपका घर का बना शुद्ध सफेद माखन तैयार हो जाएगा। इसे आप भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने के साथ-साथ खाने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
माखन को स्वादिष्ट बनाने के टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि घर का माखन ज्यादा स्वादिष्ट और मुलायम बने तो इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा ताजे और गाढ़े दही का इस्तेमाल करें। दही जितना अच्छा होगा, माखन उतना ही स्वादिष्ट बनेगा।
दही को मथने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। इससे माखन जल्दी अलग होता है और उसका स्वाद भी बेहतर रहता है। अगर आप रोजाना घर में दही जमाते हैं तो ऊपर आने वाली मलाई को इकट्ठा करके भी माखन तैयार कर सकते हैं।
कान्हा को क्यों प्रिय है माखन?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को बचपन से ही माखन बहुत प्रिय था। इसी कारण उन्हें "माखन चोर" भी कहा जाता है। कथाओं में बताया गया है कि श्रीकृष्ण अपने दोस्तों के साथ मिलकर घरों से माखन चुराकर खाते थे।
भक्तों का मानना है कि जन्माष्टमी के दिन कान्हा को माखन और मिश्री का भोग लगाने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है। इसलिए इस त्योहार पर कई घरों में खास तौर पर माखन तैयार किया जाता है।
बाजार के बजाय घर का माखन क्यों बेहतर?
आजकल बाजार में मिलने वाले कई खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर लोग चिंतित रहते हैं। घर पर तैयार किया गया माखन पूरी तरह से प्राकृतिक होता है। इसमें न तो किसी तरह की मिलावट होती है और न ही अतिरिक्त सामग्री मिलाने की जरूरत पड़ती है।
घर का माखन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प हो सकता है। इसे रोटी, पराठे, दाल-चावल या मिठाई के साथ भी खाया जा सकता है।
जन्माष्टमी पर ऐसे करें कान्हा का भोग तैयार
जन्माष्टमी के दिन माखन के साथ मिश्री, फल और मिठाई का भोग लगाने की परंपरा है। आप घर पर बनाए गए ताजे माखन को छोटे कटोरे में सजाकर कान्हा की मूर्ति के सामने रख सकते हैं।
भोग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले माखन को साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए तैयार करें। ताजे माखन की खुशबू और स्वाद त्योहार की खुशी को और बढ़ा देता है।