लाइफस्टाइल : घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लोग लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियां, अलमारी और अन्य सजावटी सामान का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनकी देखभाल में थोड़ी सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। खासकर दीमक लगने की समस्या लकड़ी के सामान को अंदर से खोखला कर सकती है। कई बार फर्नीचर बाहर से बिल्कुल ठीक दिखाई देता है, लेकिन उसके अंदर दीमक धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती रहती है। ऐसे में समय रहते इसकी पहचान करना और सही उपाय अपनाना जरूरी होता है।
दीमक से बचाव के लिए बाजार में कई तरह के कीटनाशक और उपचार उपलब्ध हैं। हालांकि, घर में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर दीमक के अनुकूल परिस्थितियों को कम किया जा सकता है। ध्यान रहे कि घरेलू उपाय दीमक के संक्रमण को रोकने या खत्म करने की गारंटी नहीं देते। बड़े संक्रमण के लिए विशेषज्ञों की मदद लेना जरूरी हो सकता है।
1. लकड़ी के सामान को नमी से बचाएं
दीमक की समस्या को कम करने के लिए सबसे जरूरी है कि घर और लकड़ी के सामान को नमी से बचाया जाए। कई प्रकार की दीमक नम वातावरण में तेजी से पनपती हैं। इसलिए घर में पानी के रिसाव, सीलन और नमी की समस्या को समय रहते ठीक कराना चाहिए।
लकड़ी की अलमारी, दरवाजों और फर्नीचर को लगातार गीला रहने से बचाएं। बाथरूम या रसोई के आसपास रखे लकड़ी के सामान की नियमित जांच करें। नमी कम करने से दीमक के अनुकूल वातावरण को सीमित किया जा सकता है।
2. फर्नीचर को धूप और हवा लगने दें
लकड़ी के सामान को सूखा रखना जरूरी है। जिन फर्नीचर को आसानी से बाहर ले जाया जा सकता है, उन्हें मौसम के अनुसार कुछ समय हवादार जगह पर रखा जा सकता है।
हालांकि, केवल धूप में रखने से लकड़ी के अंदर मौजूद पूरी दीमक कॉलोनी समाप्त हो जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। तेज धूप कुछ प्रकार की लकड़ी की पॉलिश और रंग को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए फर्नीचर की प्रकृति को ध्यान में रखकर ही ऐसा करें।
3. नीम के तेल का इस्तेमाल सावधानी से करें
घरेलू उपायों में नीम के तेल का नाम अक्सर लिया जाता है। नीम से प्राप्त कुछ पदार्थों में कीटों को प्रभावित करने वाले गुण पाए गए हैं।
हालांकि, लकड़ी के फर्नीचर पर सामान्य नीम का तेल लगाने से दीमक पूरी तरह खत्म हो जाती है, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
यदि किसी उपयुक्त पंजीकृत नीम आधारित उत्पाद का इस्तेमाल किया जाता है, तो उसके लेबल पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। सामान्य तेल को दीमक नियंत्रण का निश्चित उपचार न समझें।
4. पुरानी लकड़ी और कबाड़ जमा न करें
घर के आसपास लकड़ी के पुराने टुकड़े, गत्ते, टूटे फर्नीचर और अन्य सामान लंबे समय तक जमा रहने से दीमक को भोजन और छिपने की जगह मिल सकती है।
इसलिए बेकार लकड़ी और गत्ते को व्यवस्थित तरीके से हटाना चाहिए। खासकर घर की बाहरी दीवारों और नींव के आसपास लकड़ी का ढेर लगाने से बचें।
यदि किसी लकड़ी में दीमक दिखाई दे रही है, तो उसे दूसरे फर्नीचर से अलग रखें और उचित उपचार या निस्तारण
के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।
5. लकड़ी के फर्नीचर की नियमित जांच करें
दीमक से होने वाले बड़े नुकसान को रोकने में समय पर पहचान महत्वपूर्ण होती है। इसलिए घर के दरवाजे, अलमारी, खिड़की और लकड़ी के अन्य सामान की समय-समय पर जांच करते रहें।
लकड़ी में छोटे छेद, मिट्टी जैसी सुरंगें, खोखली आवाज या बिना स्पष्ट कारण लकड़ी का कमजोर होना दीमक के संभावित संकेत हो सकते हैं।
हालांकि, हर छेद या लकड़ी का पाउडर दीमक की वजह से ही नहीं होता। दूसरे लकड़ी खाने वाले कीड़े भी ऐसे निशान छोड़ सकते हैं। सही पहचान के लिए विशेषज्ञ से जांच करवाना बेहतर है।
6. दीवारों और दरवाजों की दरारें बंद करें
घर की दीवारों, फर्श और दरवाजों के आसपास मौजूद दरारें कीड़ों के प्रवेश का रास्ता बन सकती हैं। इसलिए इनकी नियमित जांच करनी चाहिए।
दरारों को उपयुक्त सीलेंट या मरम्मत सामग्री से बंद कराना उपयोगी हो सकता है। विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान दें, जहां पाइप या तार दीवारों से होकर गुजरते हैं। हालांकि, पहले से मौजूद दीमक को केवल दरारें बंद करके खत्म नहीं किया जा सकता।
7. लकड़ी को जमीन के सीधे संपर्क से बचाएं
दीमक से बचाव के लिए लकड़ी का मिट्टी से सीधा संपर्क कम करना एक महत्वपूर्ण उपाय है। खासकर जमीन में रहने वाली दीमक मिट्टी के रास्ते लकड़ी तक पहुंच सकती है।
घर के बाहर रखी लकड़ी, लकड़ी के खंभे और अन्य सामान को मिट्टी के सीधे संपर्क से बचाएं। फर्नीचर के नीचे पानी जमा न होने दें। इससे दीमक के प्रवेश की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।
8. लकड़ी पर उपयुक्त प्रोटेक्टिव कोटिंग लगाएं
लकड़ी को सुरक्षित रखने के लिए बाजार में अलग-अलग प्रकार की
प्रोटेक्टिव
कोटिंग और वुड ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं।
कुछ विशेष उपचारित लकड़ियां और दीमक से सुरक्षा के लिए तैयार उत्पाद नुकसान की आशंका कम कर सकते हैं। हालांकि, साधारण पॉलिश या वार्निश को दीमक खत्म करने का उपचार नहीं समझना चाहिए।
किसी भी उत्पाद के इस्तेमाल से पहले यह जरूर जांचें कि वह दीमक से सुरक्षा के लिए उपयुक्त और अधिकृत है या नहीं।
9. घर में हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें
बंद और नम जगहों में लकड़ी के सामान की देखभाल करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अलमारी के पीछे, स्टोर रूम और अन्य हिस्सों में उचित वेंटिलेशन रखें।
घर के आसपास जल निकासी व्यवस्था भी सही होनी चाहिए। पानी जमा रहने और दीवारों में सीलन बढ़ने से कुछ प्रकार की दीमक के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।
नमी नियंत्रित करने के साथ नियमित सफाई और निरीक्षण करना भी उपयोगी है।
10. दीमक अधिक हो तो विशेषज्ञ से उपचार कराएं
यदि लकड़ी का सामान अंदर से खोखला होने लगा है, बार-बार मिट्टी जैसी सुरंगें दिखाई दे रही हैं या घर के कई हिस्सों में दीमक फैल गई है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
प्रशिक्षित पेस्ट कंट्रोल विशेषज्ञ संक्रमण के प्रकार और गंभीरता की पहचान कर उचित उपचार बता सकते हैं। दीमक नियंत्रण के लिए विशेष वुड ट्रीटमेंट, बैट सिस्टम और अन्य स्वीकृत उपाय उपलब्ध हैं।
कीटनाशक का इस्तेमाल करते समय निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन आवश्यक है। मिट्टी का तेल, पेट्रोल या अन्य ज्वलनशील पदार्थ लकड़ी पर डालना खतरनाक हो सकता है।
क्या नमक, सिरका और नींबू से मर जाती है दीमक?
कई घरेलू नुस्खों में दीमक खत्म करने के लिए नमक, सिरका, नींबू, नीम और संतरे के तेल के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। लेकिन इन सभी उपायों से लकड़ी के अंदर छिपी पूरी दीमक कॉलोनी नष्ट हो जाएगी, इसके पर्याप्त विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
कुछ प्राकृतिक पदार्थ प्रयोगशाला की परिस्थितियों में कीड़ों पर असर दिखा सकते हैं, लेकिन वास्तविक घरों में उनकी प्रभावशीलता अलग हो सकती है। इसलिए ऐसे नुस्खों को प्रमाणित दीमक नियंत्रण उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
कैसे पहचानें कि फर्नीचर में दीमक लग चुकी है?
लकड़ी को थपथपाने पर खोखली आवाज आना, सतह के नीचे नुकसान दिखाई देना, दीवारों पर मिट्टी जैसी पतली सुरंगें बनना और पंख वाले दीमकों का दिखाई देना संक्रमण के संकेत हो सकते हैं।
अगर दरवाजों के फ्रेम, खिड़कियों या लकड़ी के सहारे कमजोर हो रहे हैं, तो उनकी जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।
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